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VTR की बाघिन एयरफोर्स के विमान से पहुंची पश्चिम बंगाल, 2 अक्टूबर को जंगल में छोड़े जाने की उम्मीद

Published: Wed, 30 Sep 2026 04:37 PM (IST)

Bihar First Inter State Tiger Shift: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) की एक बाघिन को पहली बार बिहार से पश्चिम बंगाल ...और पढ़ें

बक्सा टाइगर रिजर्व पहुंचीं बाघिन। सौ. विभाग

बक्सा टाइगर रिजर्व पहुंचीं बाघिन। सौ. विभाग 

HighLights

  1. वीटीआर की बाघिन का बक्सा टाइगर रिजर्व में स्थानांतरण।

  2. बिहार से पहली बार बाघ का अंतरराज्यीय स्थानांतरण हुआ।

  3. भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से किया गया परिवहन।

जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। VTR Baghin Relocation: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) की एक बाघिन ने बिहार के वन्यजीव संरक्षण इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

वन्यजीव संरक्षण के उद्देश्य से पहली बार बिहार से किसी बाघ को दूसरे राज्य में स्थानांतरित किया गया है। 29 सितंबर की शाम करीब पांच बजे वीटीआर में बेहोश कर रेडियो कॉलर लगाने के बाद बाघिन को सड़क मार्ग से गोरखपुर हवाई अड्डे पहुंचाया गया।

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जंगल में बाघिन की स्वास्थ्य जांच करती टीम। सौ. विभाग

वहां से भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से उसे पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व ले जाया गया। 30 सितंबर की सुबह करीब आठ बजे बाघिन सुरक्षित बक्सा पहुंच गई। इस तरह करीब 15 घंटे के भीतर पूरा स्थानांतरण अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

सॉफ्ट-रिलीज एनक्लोजर में निगरानी

बक्सा टाइगर रिजर्व पहुंचने के बाद बाघिन को विशेष रूप से तैयार किए गए सॉफ्ट-रिलीज एनक्लोजर में रखा गया है।

वन विभाग की टीम और वन्यजीव विशेषज्ञ उसके स्वास्थ्य और नए वातावरण के प्रति अनुकूलन की लगातार निगरानी कर रहे हैं। दो अक्टूबर को उसे बड़े वन क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से छोड़ने की योजना बनाई गई है।

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मंगुराहा से बाघिन को इसी गाड़ी में लेकर गोरखपुर गई थी टीम। जागरण 

अधिकारियों और एजेंसियों का समन्वय

वीटीआर के क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा ने बताया कि बाघिन को सुरक्षित पकड़ने, रेडियो कॉलर लगाने, स्वास्थ्य जांच और गोरखपुर से बक्सा ले जाने की पूरी कार्रवाई निर्धारित वन्यजीव प्रबंधन प्रोटोकॉल के तहत हुई।

इस जटिल अभियान में बिहार व पश्चिम बंगाल वन विभाग, भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआइआइ), भारतीय वायु सेना और पशु चिकित्सकों की टीम ने आपसी समन्वय से कार्य किया।

संरक्षण प्रयासों को मिली पहचान

वीटीआर देश के महत्वपूर्ण तराई वन परिदृश्य का हिस्सा है और बिहार में बाघ संरक्षण का मुख्य केंद्र माना जाता है। यहां से बक्सा टाइगर रिजर्व तक बाघिन का यह सफल स्थानांतरण अंतरराज्यीय सहयोग और वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन की बड़ी मिसाल है।

इस ऐतिहासिक कदम के साथ बिहार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण अभियानों में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई है।

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