वीटीआर में पकड़ी गई बाघिन, 14 दिन की तलाश के बाद मिली सफलता
पश्चिम चंपारण के मंगुराहा वन क्षेत्र में 14 दिनों के रेस्क्यू अभियान के बाद बाघिन को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
14 दिन के रेस्क्यू अभियान के बाद बाघिन को सफलतापूर्वक पकड़ा गया।
मंगुराहा वन क्षेत्र के जसौली जंगल से ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित निकाला गया।
स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत बाघिन को बक्सा टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा।
जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व भेजी जाने वाली बाघिन को रेस्क्यू अभियान के 14वें दिन टीम ने मंगलवार को उसे पकड़ लिया है।
अभियान में लगी विशेष टीम ने। मंगुराहा वन क्षेत्र के जसौली जंगल स्थित कंपार्टमेंट नंबर 70 के पास उसे ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ा है।
इसके बाद बाघिन को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मंगुराहा कार्यालय लाया जा रहा है। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उसे पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व भेजने की तैयारी है।
मवेशी के शिकार से मिली लोकेशन, पगमार्क से ट्रैकिंग
बारिश के कारण बीते चार दिनों से रेस्क्यू अभियान की गति सुस्त पड़ गई थी बारिश खत्म होते ही टीम ने अभियान की गति बढ़ाई। इसी क्रम में टीम द्वारा रखी गई एक मवेशी का शिकार उसने सोमवार रात कर लिया।
इसके बाद टीम ने घटनास्थल से मिले पगमार्क के आधार पर शिकार स्थल के आसपास उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया। फिर उसके ठिकाना को चिन्हित कर रेस्क्यू की रणनीति बनाई गई।
मचान से निगरानी, ड्रोन व नाइट विजन कैमरे का लिया सहारा
रेस्क्यू के अंतिम चरण में करीब 100 सदस्यीय टीम ने 24 घंटे जंगल में कैंप किया। बाघिन की निगरानी के लिए पांच मचान बनाए गए थे। ड्रोन और नाइट विजन कैमरों से लगातार नजर रखी गई।
सूत्रों के अनुसार निर्धारित क्षेत्र में पहुंचते ही मंगलवार को शाम करीब 5 बजे विशेषज्ञों ने उसे ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अभियान में वीटीआर के साथ देहरादून, बक्सा और दिल्ली के विशेषज्ञ भी शामिल रहे।
बारिश, घने जंगल और बाघिन की बदलती गतिविधियां बड़ी चुनौती बनी रहीं। फील्ड डायरेक्टर गौरव ओझा ने बताया कि बाघिन का सफल रेस्क्यू हो गया है।
