वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र का आगाज, सैलानी देख पाएंगे बाघ और वन्यजीव
Valmikinagar Jungle Safari Booking: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र का शानदार शुभारंभ हुआ, जिसमें पीसीसीएफ अरविंदर सिंह ने ...और पढ़ें

पर्यटन सत्र का फीता काटकर उद्घाटन करते पीसीसीएफ अरविंदर सिंह और जंगल सफारी के लिए तैयार वाहन। फोटो: जागरण
HighLights
पीसीसीएफ ने नए पर्यटन सत्र का औपचारिक शुभारंभ किया।
गैंडा और हथिनी लाने की योजना पर काम जारी।
नए सफारी रूट और थारू सांस्कृतिक कार्यक्रम जोड़े गए।
संवाद सूत्र, वाल्मीकिनगर (पश्चिमी चंपारण)। Valmiki Tiger Reserve New Tourism Session: बिहार के एकमात्र टाइगर रिजर्व 'वाल्मीकि टाइगर रिजर्व' (VTR) में नए पर्यटन सत्र की शानदार शुरुआत हो गई है।
शनिवार को वन विभाग के प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (PCCF) सह हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स अरविंदर सिंह ने फीता काटकर और जंगल सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर नए सत्र का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस दौरान थारू कला संस्कृति एवं प्रशिक्षण संस्थान (हरना टांड़) के कलाकारों ने पारंपरिक 'झमटा नृत्य' प्रस्तुत किया, जिसकी अधिकारियों ने काफी सराहना की।
गैंडा और हथिनी लाने की योजना
उद्घाटन के अवसर पर पीसीसीएफ अरविंदर सिंह ने बताया कि वीटीआर में वन्यजीवों के संरक्षण को और मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत जल्द ही वीटीआर में गैंडा और मादा हाथी (हथिनी) लाने की योजना पर काम चल रहा है।
पर्यटकों के लिए नए आकर्षण और रूट
नए पर्यटन सत्र में सैलानियों के लिए कई नए आकर्षण और जंगल सफारी के रूट जोड़े गए हैं:
सांस्कृतिक कार्यक्रम: वन प्रमंडल-एक के मंगुराहा और गोवर्धना आने वाले पर्यटक अब थारू संस्कृति के पारंपरिक लोक नृत्यों का भी आनंद ले सकेंगे।
मदनपुर रेंज से नई सफारी
वन प्रमंडल-दो के मदनपुर रेंज स्थित 'गेटवे ऑफ वीटीआर' से जिमरी स्थित गिद्ध संरक्षण केंद्र तक नई सफारी शुरू की गई है।
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धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल
मदनपुर से मदनपुर देवी स्थान और दिल्ली कैंप तक के लिए सफारी गाड़ियों का परिचालन शुरू कर दिया गया है।
लॉन्ग रूट सफारी
वाल्मीकिनगर से गनौली स्थित गिद्ध संरक्षण केंद्र होते हुए मंगुराहा वन क्षेत्र तक लॉन्ग रूट सफारी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
नए सत्र के आगाज से पश्चिमी चंपारण क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे सैलानी बाघ, तेंदुए और अन्य वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में करीब से देख सकेंगे।
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