VTR में 15 अक्टूबर से करिए जंगल सफारी, इस बार हेली टूरिज्म का भी रोमांच
Eco Tourism Bihar: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में 15 अक्टूबर से नया पर्यटन सत्र शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें पर्यटक ...और पढ़ें

नए पर्यटन सत्र की तैयारियों को लेकर वन विभाग की ओर से सभी आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।
HighLights
वीटीआर में 15 अक्टूबर से रोमांचक जंगल सफारी फिर शुरू।
पर्यटक बाघ तेंदुआ हिरण जैसे वन्यजीवों का दीदार करेंगे।
पटना से वाल्मीकिनगर के लिए हेली टूरिज्म सेवा भी मिलेगी।
विनोद राव, बगहा (पश्चिम चंपारण)। Vtr Jungle Safari: बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व यानी वीटीआर में मानसून ब्रेक के बाद पर्यटन का रोमांच फिर से शुरू होने जा रहा है।
आगामी 15 अक्टूबर के आसपास वर्ष 2026-27 के नए पर्यटन सत्र की शुरुआत होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
यद्यपि वन विभाग की ओर से पर्यटन सत्र शुरू करने की कोई आधिकारिक तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है।
वन्यजीवों का मिलेगा दीदार
नए सत्र में पर्यटकों को वाल्मीकिनगर मंगुराहा गोवर्धना और रघिया समेत विभिन्न रेंजों में जंगल सफारी का शानदार अवसर मिलेगा।
सफारी के दौरान पर्यटक बाघ तेंदुआ हिरण समेत अन्य वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में बेहद करीब से देख सकेंगे।
नए पर्यटन सत्र की तैयारियों को लेकर वन विभाग की ओर से सभी आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।
सफारी मार्गों की मरम्मत
आगामी 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक हथिया नक्षत्र में बारिश की संभावना को देखते हुए सफारी मार्ग अभी नहीं सुधारे जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार बारिश की अवधि समाप्त होते ही सफारी मार्गों को दुरुस्त करने का कार्य बहुत तेज गति से कराया जाएगा।
इसके साथ ही जंगल के अंदर पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।
वाल्मीकि विहार का कायाकल्प
जंगल सफारी में संचालित होने वाली गाड़ियों की गहन सर्विसिंग कराई जा रही है ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो।
इसके अलावा वाल्मीकिनगर स्थित प्रसिद्ध वाल्मीकि विहार के कमरों का नवीनीकरण और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम जारी है।
विभाग की पूरी कोशिश है कि इस नए सत्र में आने वाले पर्यटकों को एक बेहद सुखद अनुभव प्राप्त हो सके।
सात लाख पर्यटक संभावित
पिछले वर्ष यानी 2025-26 के पर्यटन सत्र में वीटीआर में कुल छह लाख नौ हजार से अधिक पर्यटक पहुंचे थे। इस बार वन विभाग को पूरे सत्र में सात लाख से अधिक पर्यटकों के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पहुंचने की उम्मीद है।
पिछले सत्र में 100 से अधिक विदेशी सैलानियों के साथ 33 हजार से ज्यादा लोगों ने जंगल सफारी का आनंद लिया था।
गेटवे आफ वीटीआर आकर्षण
नए पर्यटन सत्र में मदनपुर रेंज में तैयार किया गया गेटवे आफ वीटीआर पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा।
लगभग 3.13 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक इको-टूरिज्म स्पाट का उद्देश्य पर्यटकों को भव्य प्रवेश अनुभव देना है।
संभावना व्यक्त की जा रही है कि नए सत्र की शुरुआत के साथ ही इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
पटना से हेली टूरिज्म
पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ वाल्मीकिनगर में हेली टूरिज्म सेवा शुरू होने की भी प्रबल संभावना बनी हुई है।
योजना के तहत शनिवार और रविवार को पटना से वाल्मीकिनगर के बीच सीधे हेलीकाप्टर सेवा संचालित करने की तैयारी है।
इस सेवा के शुरू होने से दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों का समय बचेगा और सफर अधिक आरामदायक हो जाएगा।
स्थानीय संस्कृति और होम स्टे
वीटीआर आने वाले सैलानियों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने के लिए होम स्टे योजना को भी विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस सत्र में 10 से अधिक होम स्टे में पर्यटकों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पर्यटकों को घने जंगल के साथ-साथ थारू संस्कृति को करीब से जानने और समझने का अनोखा अवसर मिलेगा।
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पर्यटन सत्र शुरू करने की आधिकारिक तिथि अभी तय नहीं हुई है। 15 अक्टूबर के बाद नए सत्र की शुरुआत हो सकती है। पर्यटकों की सुविधाओं से जुड़ी तैयारियां की जा रही हैं।
विकास अहलावत, डीएफओ, वन प्रमंडल दो, बेतिया
