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वाल्मीकिनगर-बगहा मुख्य पथ पर तीन फीट पानी, लक्ष्मीपुर-भेड़िहारी में आवागमन प्रभावित

By Amit ShuklaEdited By: Dharmendra Singh
Published: Sun, 27 Sep 2026 01:40 PM (IST)

नेपाल में लगातार बारिश से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे वाल्मीकिनगर के कई गांवों में बाढ़ आ ...और पढ़ें

वाल्मीकिनगर-बगहा मुख्य पथ पर पानी। जागरण

वाल्मीकिनगर-बगहा मुख्य पथ पर पानी। जागरण

जागरण संवाददाता, बगहा (पश्चिम चंपारण)। नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर गंडक के जलस्तर पर दिखने लगा है। नदी का पानी तेजी से बढ़ने के साथ वाल्मीकिनगर के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है।

खेत और बस्तियों में फैला पानी अब मुख्य सड़क तक पहुंच गया है। वाल्मीकिनगर-बगहा मुख्य पथ पर लक्ष्मीपुर और भेड़िहारी के बीच करीब तीन फीट पानी बह रहा है। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

मुख्य सड़क पर पहुंचा बाढ़ का पानी

ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार देर रात वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के भेड़िहारी स्थित बंगाली कॉलोनी और रोहुआ टोला की ओर से बाढ़ का पानी मुख्य पथ तक पहुंचा। इसके बाद लक्ष्मीपुर और भेड़िहारी के बीच सड़क पर पानी जमा हो गया। करीब तीन फीट पानी होने के कारण वाहनों और पैदल राहगीरों को गुजरने में परेशानी हो रही है।

बीच रास्ते में फंसे लोग

मुख्य पथ पर पानी आने से रोहुआ टोला में रहने वाले रिश्तेदारों तक खाना पहुंचाने के लिए वाल्मीकिनगर और नेपाल से पहुंचे कुछ लोग लक्ष्मीपुर के पास फंस गए। पानी कम होने की प्रतीक्षा में वे सड़क किनारे रुके रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी का बहाव बढ़ने पर आवागमन और मुश्किल हो सकता है।

इन गांवों में बाढ़ का असर

वाल्मीकिनगर के चकदहवा, रोहुआ टोला, बिन टोली और कान्ही टोली में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। खेतों और बस्तियों में पानी फैलने के बाद ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कई लोग अपने घर और मवेशियों की सुरक्षा के लिए अब भी गांव में ही रुके हुए हैं।

राहत शिविर में पहुंचाए जा रहे लोग

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के लिए भेड़िहारी स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में राहत शिविर बनाया है। यहां रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से नाव के माध्यम से प्रभावित गांवों से लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविर तक पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, कुछ ग्रामीण अपने घर और मवेशियों की देखभाल के लिए गांव में ही रुके हैं।

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