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लुप्त हो रहे गिद्धों को बचाने की पहल, बिहार के VTR में बनेगा देश का नौवां संरक्षण केंद्र

Published: Sun, 18 Oct 2026 05:35 PM (IST)

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अब बाघों के साथ गिद्धों के संरक्षण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे यह देश का नौवां गिद्ध संरक्षण केंद्र बनेगा।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. वीटीआर में अब गिद्धों के संरक्षण पर विशेष ध्यान।

  2. गोनौली वन प्रक्षेत्र में गिद्धों के लिए अनुकूल वातावरण।

  3. वीटीआर बनेगा देश का नौवां गिद्ध संरक्षण केंद्र।

जागरण संवाददाता, बेतिया। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में बाघ, तेंदुआ, हिरण और गौर के साथ अब गिद्धों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियों वाले रिजर्व में संकटग्रस्त गिद्धों के संरक्षण और संवर्धन के लिए गोनौली वन प्रक्षेत्र में पहल शुरू हुई है। इसके तहत उनकी सुरक्षा, अनुकूल वातावरण तैयार करने और संख्या बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

वीटीआर प्रशासन के अनुसार, फिलहाल गिद्धों के घोंसले मुख्य रूप से कोर क्षेत्र में पाए जा रहे हैं। संरक्षण के प्रयास सफल रहे तो आने वाले चार-पांच वर्षों में बफर क्षेत्र में भी उनकी मौजूदगी बढ़ने की उम्मीद है। इस काम में वीटीआर के फील्ड बायोलाजिस्ट और पशु चिकित्सक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मृत वन्यजीवों के अवशेषों पर नजर

गिद्धों के अस्तित्व को सुरक्षित रखने के लिए उनके भोजन की उपलब्धता और गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पहले पशुओं के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कुछ प्रतिबंधित दवाओं के कारण गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई थी।

ऐसी दवाओं के अवशेष वाले मृत पशुओं को खाने से गिद्धों के लिए गंभीर खतरा पैदा हुआ। इसे देखते हुए वीटीआर में गिद्धों को प्राकृतिक रूप से मृत वन्यजीवों के शव उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर है।

बाहरी पशुओं के शवों और अवशेषों पर भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि गिद्धों को जहरीले खाद्य पदार्थों से बचाया जा सके।

देश में अब तक आठ संरक्षण केंद्र

वीटीआर के अलावा देश में गिद्ध संरक्षण केंद्र हरियाणा के पिंजौर, पश्चिम बंगाल के राजाभातखावा, असम के रानी, मध्य प्रदेश के केरवा, गुजरात के सक्करबाग चिड़ियाघर और जूनागढ़, ओडिशा के नंदनकानन चिड़ियाघर, भुवनेश्वर, तेलंगना के नेहरू प्राणि उद्यान, हैदराबाद और झारखंड के मुटा, रांची में स्थापित हैं। वीटीआर देश का नौवां गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र बनेगा।

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वीटीआर में गिद्धों के संरक्षण पर काम किया जा रहा है। पहले चरण में उनकी संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान है। फिर आगे की पहल होगी।

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गौरव ओझा, क्षेत्र निदेशक, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व