बिहार के वीटीआर की देशभर में बढ़ेगी धाक, दूसरे टाइगर रिजर्व को बाघ देने में बनेगा नंबर दो
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) रणथंभौर के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बाघ दाता रिजर्व बनने जा रहा है, जिसने ...और पढ़ें

पश्चिम चंपारण के वीटीआर में बाघ।
HighLights
वीटीआर देश का दूसरा सबसे बड़ा बाघ दाता बनेगा।
एक बाघिन बक्सा टाइगर रिजर्व भेजी गई है।
वीटीआर में बाघों की संख्या 11 गुना से अधिक बढ़ी।
शशि कुमार मिश्र, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। बाघों की संख्या बढाने के लिए एक टाइगर रिजर्व से दूसरे टाइगर रिजर्व में बाघों को भेजने की प्रक्रिया कोई नई नहीं है।
देश में इसकी शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी। कई चरणों में रणथंभौर से 13 बाघ सरिस्का भेजे गए, जो अब तक का सबसे बड़ा पुनर्स्थापन कार्यक्रम है।
अब इस कड़ी में बिहार का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) दूसरा नाम बनने जा रहा है। पिछले माह 30 सितंबर को वीटीआर से एक बाघिन बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व भेजी गई है।
अब दो चरणों में एक बाघ और दो बाघिन भेजी जानी है। कुल चार बाघ भेजे जाने के बाद वीटीआर देश का दूसरा ऐसा रिजर्व बन जाएगा, जिसने किसी दूसरे रिजर्व को सर्वाधिक बाघ दिए हों।
बीते 20 वर्षों में वीटीआर में बाघों की संख्या में 11 गुणा से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2006 में मात्र छह बाघ थे, जो 2010 में बढ़कर आठ हो गए।
2014 में 28 और 2018 में संख्या 31 पर पहुंच गई। 2022 में 54, जबकि इस वर्ष की संख्या अधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है्, लेकिन 70 से अधिक होने का अनुमान है।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के बाद तबोडा अंधारी से सिमिलीपाल में दो बाघ भेजे गए थे। इसके बाद कान्हा से पन्ना टाइगर रिजर्व में भी दो बाघों को शिफ्ट किया गया।
ताबोडा ब्रह्मपुरी क्षेत्र से नागझिरा में तीन एवं पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी में एक को पुनर्स्थापन किया गया था।
वीटीआर से बक्सा टाइगर रिजर्व में अभी एक बाघ को शिफ्ट किया गया है। इसके बाद एक बाघ एवं दो और बाघिन को बक्सा टाइगर रिजर्व भेजने की योजना है। मौसम अनुकूल होने पर यह प्रक्रिया शुरू होगी। मौसम ठीक रहने पर संबंधित विभाग के वरीय अधिकारी एवं एक्सपर्ट बिहार आएंगे।
गौरव ओझा, क्षेत्र निदेशक, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व।
