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वीटीआर से सटे गांवों में बाघ का आतंक, अब दो गायों को बनाया शिकार, चरवाहे ने भागकर बचाई जान

Published: Sun, 16 Aug 2026 06:57 PM (IST)

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में बाघ का आतंक बढ़ रहा है, जहां हाल ही में गन्ने के खेत ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. गन्ने के खेत से निकले बाघ ने दो गायों को मारा।

  2. चरवाहे ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।

  3. वन विभाग ने मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की, निगरानी बढ़ी।

संवाद सूत्र, गौनाहा (पश्चिम चंपारण)। वीटीआर से सटे गांवों में बाघ का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। जंगल से निकलकर बाघ अब खेतों और सरेह तक पहुंच रहे हैं। शनिवार शाम तारा बसवरिया गांव के समीप 28 आरडी पुल के पास गन्ने के खेत से अचानक निकले बाघ ने दो गायों को मार डाला।

पशुओं के साथ लौट रहे चरवाहे ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है और लोग सरेह जाने से भी परहेज करने लगे हैं।

गन्ने में छिपा था बाघ

पशुपालक रामेश्वर यादव शाम में मवेशियों को लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने अचानक गायों पर हमला कर दिया। देखते ही देखते बाघ ने दो गायों को मार डाला। अचानक सामने आए खतरे से घबराए रामेश्वर ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। गांव पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी।

मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम

सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। टीटी और पीपी के कर्मियों ने आसपास निरीक्षण कर बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी। टीम ने बाघ को जंगल की ओर मोड़ने का प्रयास किया। ग्रामीणों को घटनास्थल के आसपास नहीं जाने और विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।

तीन मौतों से बढ़ी चिंता

गन्ने के खेत की इस घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। वीटीआर से सटे गांवों में खेती-बारी और मवेशी चराना जोखिम भरा होता जा रहा है। शनिवार को ही वन प्रमंडल दो के वाल्मीकिनगर रेंज अंतर्गत भेड़िहारी गांव निवासी 40 वर्षीय विजय हालदार की बाघ के हमले में मौत हुई थी। वे घर के पास मवेशियों के लिए चारा लेने गए थे।

31 जुलाई से हमलों का सिलसिला

इससे पहले एक अगस्त को मदनपुर वन क्षेत्र के नौरंगिया मिश्रौलिया रेता में धान की सोहनी करने के दौरान 45 वर्षीय उमरावती देवी पर बाघ ने हमला कर दिया था।

वहीं 31 जुलाई को वाल्मीकिनगर रेंज के कक्ष संख्या टी-36 स्थित हाथी मलखंता सरेह में बकरी चराने के दौरान 62 वर्षीय अकलू यादव पर बाघ ने हमला किया था। मजदूरों ने शोर मचाकर उन्हें बचाया, लेकिन इलाज के दौरान गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उनकी मौत हो गई।

मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी

रेंजर अंशुमन कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया है। पशुपालक से मुआवजे के लिए आवेदन मांगा गया है। आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है।

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