बिहार में एक के बाद एक बाघ के हमले, अब किसान की मौत से फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
वाल्मीकिनगर के भेड़िहारी गांव में बाघ के हमले से किसान विजय हालदार की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम ...और पढ़ें

बगहा में घटना के बाद हंगामा करते स्थानीय लोग।
HighLights
वाल्मीकिनगर में बाघ के हमले से किसान विजय हालदार की मौत।
गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर मुआवजे की मांग की।
15 दिनों में यह तीसरी बाघ हमले की घटना है।
जागरण संवाददाता, बगहा (पश्चिम चंपारण)। वाल्मीकिनगर के भेड़िहारी गांव में शनिवार की सुबह खेत की ओर निकले किसान विजय हालदार (40) पर बाघ ने हमला कर दिया। घटना में उनकी मौत हो गई।
किसान की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने भेड़िहारी चौक पर बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य पथ पर शव रखकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता के बाद दोपहर करीब तीन बजे सड़क पर आवागमन शुरू कराया गया।
ग्रामीणों के अनुसार विजय हालदार सुबह मवेशियों के लिए चारा लेने खेत की ओर गए थे। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लगातार बाघ के विचरण से पहले से भयभीत ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। वन विभाग की टीम के पहुंचने के बाद ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक की भी सूचना है।
मुआवजा, नौकरी और बाघ पकड़ने की मांग
सड़क जाम की सूचना पर बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी, एसडीपीओ निहार भूषण, वन प्रमंडल-दो के एसीएफ शशि भूषण चौहान और रेंजर मौके पर पहुंचे। मृतक के स्वजन, ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों ने बैठक कर उनकी मांगों पर चर्चा की। स्वजन ने 10 दिनों के अंदर मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, बाघ को पकड़ने के लिए ट्रैकिंग कराने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग कराने की मांग रखी। एसीएफ की सहमति के बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया।
15 दिन में बाघ के हमले की तीसरी घटना
भेड़िहारी की घटना ने बाघ के हमलों को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 15 दिन पहले बकरी चरा रहे 62 वर्षीय किसान अकलू यादव पर भी बाघ ने हमला किया था। गंभीर स्थिति में उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके अलावा रोपनी करने गई एक महिला की भी बाघ के हमले में जान जा चुकी है।
नौरंगिया में भी महिला की हुई थी मौत
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे नौरंगिया गांव में धान की सोहनी कर रही एक महिला को भी बाघ ने अपना शिकार बनाया था। लगातार सामने आ रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में बाघ की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी, उसे पकड़ने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम की मांग कर रहे हैं।
