बेतिया । लौरिया स्थित नंदनगढ़ महाविद्यालय के वित्तीय अनियमितता मामले की जांच को लेकर क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक जीवेंद्र झा ने बुधवार को बेतिया पहुंचे। आरडीडीई के दौरे को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। दोपहर में बेतिया पहुंचे आरडीडीई श्री झा सीधे जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने वित्तीय अनियमितता मामले की जांच की। देर शाम आरडीडीई ने बताया कि बिहार बोर्ड के निर्देश पर उन्होंने कॉलेज में अनियमितता मामले की जांच की है। नंदनगढ़ महाविद्यालय का का संचालन महाविद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से 2015 से 2018 तक किया जाता रहा। 2018 में प्रबंध समिति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से अब तक नई प्रबंध समिति गठित नहीं की जा सकी है। नंदनगढ़ महाविद्यालय के निवर्तमान प्राचार्य सुनील राव पर महाविद्यालय के सैयद बाबू अहमद ने यूजर आईडी और पासवर्ड का गलत उपयोग कर वित्तीय अनियमितता व राशि गबन का आरोप लगाया है। इसी मामले की जांच बुधवार को आरडीडीई ने की। इसके लिए दोनों पक्षों को सभी साक्ष्य व अभिलेख के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। हालांकि जांच के दौरान प्राचार्य की नियुक्ति से संबंधित बोर्ड के अनुमोदन का कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं की गई। गौरतलब हो कि जिले के मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेजों में शिक्षकों के बीच आपसी विवाद का यह कोई पहला मामला नहीं है। लेकिन जिला शिक्षा कार्यालय,शिक्षा विभाग व बिहार बोर्ड की ढुलमुल नीति की वजह से विवाद लंबा खींचता रहा है। जिसका सीधे-सीधे नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है। इधर विभागीय अधिकारी जांच पड़ताल के नाम पर मामले को हर बार लंबा खींचने का प्रयास करते रहे हैं।

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