बगहा। पूर्व मध्य रेलवे के नरकटियागंज-गोरखपुर रेलखंड पर अवस्थित हरिनगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे का आय करोड़ों में है। परन्तु यात्री सुविधाएं नदारद है। यात्री की सेवा, मुस्कान के साथ नामक स्लोगन भी इस रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के निमित सटीक नही बैठते कारण यह कि चिलचिलाती धूप में भी पीने के पानी सुविधापूर्ण मयस्सर नही है। रात्रि में प्रकाश की सुविधा भी अपर्याप्त है। भले ही सुपर फास्ट व एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव यात्री सुविधा के मद्देनजर हो गया है पर आवश्यक संसाधनों का अब भी अभाव है। इसके अलावा कई अलग अलग महानगरों के लिए गाड़ियां भी इस रेलवे स्टेशन से सहज ही मिल जाती है। करीब दो हजार यात्रियों को अपने गंतव्य पर छोड़ने वाले इस स्टेशन पर राजस्व भी लाखों में प्राप्त होता है। पर यहां यात्रियों के बैठने के लिए ना ही कोई माकूल व्यवस्था है और ना ही पीने के लिए शुद्ध पेयजल का इंतजाम है। रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कर महज खानापूर्ति कर दी गई है। जिसके कारण स्टेशन पर जाने वाले उत्तर तरफ के यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। स्टेशन पर उपरगामी पुल नही रहने के कारण वृद्ध व असहाय पैसेंजर को उस पार से इस पार आने में काफी दिक्कत होती है। बढ़ते यात्रियों के दबाव के कारण बैठने का स्थान भी कम पड़ता जा रहा है। जिसके कारण पूरे परिवार के साथ दूर यात्रा करने वाले लोग अपना बोरिया बिस्तर नीचे ही डालकर बैठने को मजबूर है। गौरतलब हो कि हरिनगर रेलवे स्टेशन पर कुल 06 चापाकल है जिसमें से बराबर तीन से चार खराब ही पड़े रहते है। पड़ रहे इस भीषण गर्मी में जब कोई ट्रेन इस स्टेशन पर रूकती है तो यात्री अपने पानी के डब्बे को लेकर इधर उधर भागते है किन्तु खराब पड़े चापाकलों के कारण उन्हे निराशा ही हाथ लगती है तबतक ट्रेन भी खुल जाती है। इस समय यात्रियों की स्थिति असहाय की तरह होती है। पानी की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी यात्रा कर रहे छोटे छोटे बच्चों व बुर्जूगों को होती है।

बयान :-

इस स्टेशन को आदर्श स्टेशन का दर्जा प्राप्त हो गया है। यात्री सुविधा के मद्देनजर विकास कार्य हेतु उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। शीघ्र ही अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो जायेंगे।

प्रभु नारायण पांडेय, स्टेशन अधीक्षक