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भारतीय पर्यटकों-व्यापारियों को झटका: बाइक-कार पर लगेगा शुल्क, नेपाल सरकार ने जारी की गाइडलाइन

Published: Sat, 18 Apr 2026 03:19 PM (IST)

नेपाल सरकार ने भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों के लिए नियम सख्त किए हैं। अब भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों को ...और पढ़ें

नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह। (सोशल मीडिया)

नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह। (सोशल मीडिया)

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संवाद सूत्र, वाल्मीकिनगर। नेपाल सरकार ने भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों के लिए नियम काफी सख्त कर दिए है। अब भारत से नेपाल जाने वाले पर्यटकों और व्यापारियों को अपनी गाड़ी ले जाने के लिए नए नियमों का पालन करना होगा।

यह कदम सीमा पार यातायात को व्यवस्थित करने और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है। इसका सबसे ज्यादा असर बिहार तथा उत्तर प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्य के लोगों पर पड़ेगा। भारतीय वाहन को नेपाल में प्रवेश से पहले भंसार (कस्टम) लेना जरूरी है।

बिना भंसार की गाड़ी चलाना गैरकानूनी

नेपाल में बिना भंसार का गाड़ी चलाना गैरकानूनी माना जाएगा। वाहनों के लिए प्रतिदिन के हिसाब से शुल्क तय किया गया है जिसे भंसार कार्यालय में जमा करना होगा। दोपहिया वाहन के लिए 200 नेपाली, तीन पहिया वाहन के लिए 400 नेपाली तथा चार पहिया वाहन के लिए 600 नेपाली रुपया प्रति दिन का शुल्क है।

नियमों के मुताबिक, कोई भी विदेशी वाहन एक आर्थिक वर्ष में अधिकतम 30 दिनों तक ही नेपाल में रह सकता है। अगर कोई वाहन इस समय सीमा से ज्यादा रुकता है तो भारी जुर्माना देना होगा। दो पहिया वाहन के लिए दो हजार और चार पहिया वाहन के लिए दो हजार पांच सौ रुपया प्रति दिन का अतिरिक्त शुल्क लगेगा।

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(त्रिवेणी भंसार कार्यालय में भंसार शुल्क की जानकारी के लिए लगाया गया बोर्ड)

अनुमित वाहन चलाने वालों पर लगेगा जुर्माना

बिना भंसार शुल्क चुकाए सात दिन से ज्यादा रुकने वाले वाहन जब्त भी हो सकते हैं। बिना अनुमति वाहन चलाने पर ट्रैफिक पुलिस पांच हजार नेपाली रुपये का जुर्माना लगा सकती है। भंसार कार्यालय में वाहन का भंसार कराने के बाद नेपाल के सड़कों पर चलने के लिए भारतीय वाहन को नेपाल के आरटीओ कार्यालय से अनुमति पत्र लेना पड़ेगा। जो कि प्रति दिन का लगभग तीन सौ रुपया नेपाली पड़ता है।

हालांकि नजदीक के बाजार तक जाकर उसी दिन वापस लौटने वालों वाहनों को भंसार कार्यालय से विशेष डे पास (सुविधा पत्र) मिल सकता है, जो निशुल्क होगा। त्रिवेणी स्थित भंसार कार्यालय के प्रभारी तुलसी राम चौधरी ने बताया कि यह नियम पुराने ही है, बस अब उन्हें कड़ाई से लागू किया जा रहा है।

भारतीय वाहन पर लगने वाली भंसार शुल्क से संबंधित जानकारी के लिए बोर्ड कार्यालय में लगा दिया गया है, ताकि पर्यटकों को भारतीय वाहन पर लगने वाली भंसार शुल्क की जानकारी मिल सके।

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