चितवन में नेपाल की पहली नाइट सफारी का आगाज, भारतीय पर्यटकों को मिलेगा अनूठा अनुभव
नेपाल के चितवन में पहली बार नाइट सफारी शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देना और पर्यटकों को सामुदायिक वनों की ओर आकर्षित करना है।

नाइट सफारी का आनंद लेते पर्यटक। फोटो जागरण
HighLights
नेपाल के चितवन में पहली नाइट सफारी शुरू।
30 किमी ट्रैक पर 4 घंटे की जीप सफारी।
वन्यजीवों को रात में देखने का रोमांचक अनुभव।
संवाद सूत्र, वाल्मीकिनगर। वाल्मीकिनगर से सटे नेपाल के चितवन में पर्यटन को नई पहचान देने के उद्देश्य से पहली बार नाइट सफारी शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसका उद्देश्य अब तक केवल चितवन राष्ट्रीय निकुंज तक सीमित रहने वाले पर्यटकों को सामुदायिक वनों की ओर आकर्षित करना और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देना है।
इस नई पर्यटन गतिविधि की शुरुआत बाण्डभर क्षेत्र के पंचकन्या, चतुर्मुखी और भीमवाली सामुदायिक वन के संयुक्त प्रयास से की जा रही है। तीनों सामुदायिक वनों ने मिलकर करीब 30 किलोमीटर लंबा सफारी ट्रैक तैयार किया है, जिस पर पर्यटकों के लिए चार घंटे की नाइट जीप सफारी संचालित होगी।
पहले चरण में नाइट जीप सफारी प्रतिदिन शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक संचालित होगी। इसके लिए प्रति पर्यटक नेपाली 500 रुपये, यानी लगभग 310 भारतीय रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
बागमती प्रदेश के पर्यटन सचिव दीपेन्द्र सुवेदी ने बताया कि नेपाल के पर्यटन इतिहास में पहली बार नाइट सफारी को नए पर्यटन उत्पाद के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रात के समय जंगल की प्राकृतिक गतिविधियों और वन्यजीवों को करीब से देखने का अनुभव देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए पूरी तरह नया और रोमांचक होगा। यदि परीक्षण के तौर पर शुरू की जा रही यह पहल सफल रहती है तो इसे नियमित पर्यटन गतिविधि के रूप में संचालित किया जाएगा।
वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार को करीब से देख सकेंगे पर्यटक
भीमवाली सामुदायिक वन के अध्यक्ष मछिंद्र पांडे ने बताया कि बाण्डभर क्षेत्र चितवन राष्ट्रीय निकुंज को महाभारत क्षेत्र से जोड़ने वाला प्रमुख जैविक कॉरिडोर है।
प्रभावी संरक्षण के कारण यहां गैंडा, बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, हिरण और जंगली सुअर जैसे वन्यजीव बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। ऐसे में रात्रि के समय इन वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियों का अवलोकन पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
नाइट सफारी को सफल बनाने के लिए सामुदायिक वन क्षेत्र में पर्यटक सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। जंगल के भीतर बहने वाले खोला और जलाशयों की मरम्मत, वन्यजीवों के अवलोकन के लिए मचान निर्माण तथा पर्यटक अनुकूल आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है।
इस परियोजना में बागमती प्रदेश सरकार, स्थानीय नगरपालिका, डिवीजन वन कार्यालय तथा क्षेत्रीय होटल संघ सौराहा का संयुक्त सहयोग मिल रहा है।
क्षेत्रीय होटल संघ सौराहा के महासचिव महेश खनाल ने बताया कि नाइट सफारी से स्थानीय समुदाय की आय बढ़ेगी और पर्यटक चितवन में अधिक समय तक ठहरेंगे। इससे सामुदायिक वनों का महत्व भी बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया आधार मिलेगा।
