विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नेपाल में भारतीय वाहनों के प्रवेश पर बढ़ी सख्ती, अब ऑनलाइन घोषणा प्रपत्र भरना अनिवार्य

Published: Tue, 30 Jun 2026 11:17 PM (IST)

नेपाल में भारतीय निजी वाहनों के प्रवेश के नियम सख्त हो गए हैं, अब ऑनलाइन अस्थायी वाहन प्रवेश घोषणा अनिवार्य ...और पढ़ें

एआई से बनाई गई तस्वीर

एआई से बनाई गई तस्वीर

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

विजय कुमार गिरि, पूर्वी चंपारण। निजी वाहन से नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों और वाहन चालकों के लिए प्रवेश व निकासी के नियम की सख्ती से जटिलता बढ़ गई है। पहले के नियम को पिछले एक सप्ताह से अनिवार्य और सख्त किया गया है।

इस व्यवस्था के तहत नेपाल में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए ऑनलाइन अस्थायी वाहन प्रवेश घोषणा करना अनिवार्य है। वाहन चालक को यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके लिए नेपाल कस्टम की वेबसाइट पर जाकर अस्थायी वाहन आयात घोषणा प्रपत्र विकल्प का चयन करना पड़ता है।

निर्धारित विवरण भरना होगा, जिसमें नेपाल में प्रवेश करने वाला बार्डर गेट, वापसी के लिए निकासी गेट, नेपाल में रहने की अवधि, चालक की जानकारी तथा वाहन संबंधी विवरण जैसे इंजन, चेसिस और रजिस्ट्रेशन नंबर शामिल हैं।

सभी जानकारी दर्ज कर आवेदन सबमिट करने के बाद वाहन चालक को एक क्यूआर कोड अथवा संदर्भ संख्या जारी की जाएगी। इस कोड को नेपाल के संबंधित भंसार (सीमा शुल्क) कार्यालय में प्रस्तुत कर निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

नियमों के उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना

नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों पर नेपाल सरकार जुर्माना लगाएगी। इसे जमा नहीं करने की स्थिति में वाहन जब्त कर निर्धारित अवधि के बाद नीलामी की कार्रवाई भी की जा सकती है। अब तक यह प्रक्रिया भंसार में ऑफलाइन माध्यम से पूरी कर दी जाती थी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नेपाल से भारत लौटते समय संबंधित भंसार कार्यालय में वाहन का एग्जिट दर्ज कराना अनिवार्य होगा।

यदि निकासी प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो रिकार्ड में वाहन की प्रविष्टि सक्रिय बनी रहेगी और प्रतिदिन के आधार पर जुर्माना जुड़ता जाएगा। अगली बार नेपाल प्रवेश के दौरान बकाया राशि की वसूली की जा सकती है।

नेपाल प्रशासन के मुख्य जिला अधिकारी भोला दहाल और एसपी सुदीप पाठक का कहना है कि भारत-नेपाल खुली सीमा संवेदनशील है और यह व्यवस्था पहले से लागू कानून के अनुरूप ही है। इस व्यवस्था से वाहन चोरी और अवैध खरीद-बिक्री पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें- नेपाल से आकर बिहार में करा रहे थे मतांतरण, सुपौल में 4 विदेशी गिरफ्तार  

यह भी पढ़ें- नेपाल में काले शीशे वाले भारतीय वाहनों पर सख्ती, सीमा पर हटाने होंगे टिंटेड ग्लास