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पश्चिम चंपारण के किसानों को 3 लाख गन्ने के पौधे देगा नरकटियागंज चीनी मिल, खेतों में होगी CO-238 किस्म की वापसी

Published: Thu, 22 Oct 2026 02:40 PM (GMT+05:30)

नरकटियागंज चीनी मिल लाल सड़न रोग से प्रभावित सीओ-238 गन्ना किस्म को टिश्यू कल्चर तकनीक से पुनर्जीवित कर रहा है। ...और पढ़ें

किसानों को 3 लाख गन्ने के पौधे देगा नरकटियागंज चीनी मिल (एआई जेनरेटेड तसवीर)

किसानों को 3 लाख गन्ने के पौधे देगा नरकटियागंज चीनी मिल (एआई जेनरेटेड तसवीर)

जागरण संवाददाता, नरकटियागंज। चंपारण में कभी बेहतर उत्पादन और अधिक चीनी रिकवरी के लिए पहचान रखने वाले सीओ 238 गन्ना किस्म का दौर एक बार फिर लौटने वाला है। लाल सड़न रोग के कारण करीब पांच वर्षों से खेतों से गायब होती जा रही इस लोकप्रिय किस्म को नरकटियागंज चीनी मिल एक बार फिर पहचान दिलाने की तैयारी में है। 

चीनी मिल की लैब में टिश्यू कल्चर तकनीक से सीओ 238 के रोगमुक्त पौधे तैयार किए जा रहे हैं। गन्ने का ‘कैंसर’ कहे जाने वाले लाल सड़न रोग से प्रभावित इस किस्म को दोबारा किसानों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके तहत करीब तीन लाख रोगमुक्त पौधों का वितरण किसानों के बीच बीज तैयार करने के लिए किया जाएगा। 

टिश्यू कल्चर तकनीक से प्रति वर्ष 3.5 लाख पौधे तैयार

इस पहल से किसानों को बेहतर उत्पादन और चीनी की अधिक रिकवरी वाली किस्म फिर अपनाने का अवसर मिलेगा। रोगमुक्त बीज की उपलब्धता से गन्ने की खेती को नई मजबूती मिलने और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। 

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न्यू स्वदेशी शुगर मिल्स का गन्ना अनुसंधान एवं विकास विभाग अपने यहां स्थापित लैब में टिश्यू कल्चर तकनीक से प्रति वर्ष 3.5 लाख पौधे तैयार कर रहा है। संवर्धन के बाद पुरानी वैरायटी की तुलना में इसका उत्पादन भी अधिक होगा। 

20 से 25 प्रतिशत अधिक उत्पादन

गन्ना उप महाप्रबंधक प्रेम सिंह ने बताया कि इस वैरायटी के अलावे चार अन्य उच्च प्रभेद के गन्ने का भी संवर्धन किया जा रहा है। बता दें कि जिले में करीब 70 प्रतिशत किसान सीओ- 238 किस्म की खेती करते रहे हैं। 

बीते चार पांच वर्षों से इस किस्म में लाल सड़न रोग लगने की वजह किसानों को काफी नुकसान उठानी पड़ी। लेकिन अब टिश्यू कल्चर विधि से विकसित किए गए गन्ने की बढ़वार अधिक होगी। उनमें कल्लों की संख्या भी अधिक होती है और 20 से 25 प्रतिशत अधिक उत्पादन होता है।

किसानों को 500 पौधे बीज के रूप में वितरण किया जाएगा ताकि उससे एक दो साल में बीज के रूप में इस्तेमाल करते हुए इस वैरायटी की खेती बढ़ा सके। गन्ना किसानों की समृद्धि के लिए चीनी मिल संकल्पित भाव से काम कर रहा है। - रविंद्र कुमार तिवारी,  कार्यपालक अध्यक्ष,  न्यू स्वदेशी शुगर मिल्स, नरकटियागंज।

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