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भू-माफियाओं की दबंगई! नरकटियागंज सीओ की गाड़ी रुकवाकर चाबी छीनी, दी धमकी

Published: Wed, 03 Jun 2026 06:55 PM (GMT+05:30)

नरकटियागंज के अंचलाधिकारी सुधांशु शेखर के साथ भूमि विवाद की जांच के बाद अभद्र व्यवहार और धमकी का मामला सामने ...और पढ़ें

थाने में आवेदन देने पहुंचे सीओ। जागरण

थाने में आवेदन देने पहुंचे सीओ। जागरण 

HighLights

  1. अंचलाधिकारी सुधांशु शेखर भूमि विवाद की जांच कर रहे थे।

  2. जांच के बाद लौटते समय सरकारी गाड़ी रोकी गई।

  3. भू-माफियाओं ने चाबी छीनकर जान से मारने की धमकी दी।

जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण) । नरकटियागंज अंचल के अंचलाधिकारी (सीओ) सुधांशु शेखर के साथ भूमि विवाद की जांच के बाद अभद्र व्यवहार और धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना उस समय हुई जब वे शेरहवा पंचायत के बहुअरवा खुर्द से जांच पूरी कर मुख्यालय लौट रहे थे।

विवादित भूमि की जांच करने पहुंचे थे अधिकारी

सीओ ने बताया कि बुधवार दोपहर वे शेरहवा पंचायत अंतर्गत मौजा बहुअरवा खुर्द के खाता संख्या 84 और खेसरा संख्या 77 से जुड़े भूमि विवाद की जांच के लिए पहुंचे थे।

यह मामला जनता दरबार में शम्से आलम और विशाल शुक्ल व रतन शुक्ल के बीच चल रहा था। पूर्व में विपक्षी पक्ष के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण एकपक्षीय सुनवाई करते हुए प्रथम पक्ष को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था।

जबरन कब्जे की शिकायत पर हुई कार्रवाई

प्रशासन को दोबारा विवादित भूमि पर जबरन कब्जे की सूचना मिली थी। इसी शिकायत की सत्यता जांचने के लिए सीओ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को देखते ही कथित कब्जाधारी वहां से भाग निकले। इसके बाद जांच पूरी कर वे मुख्यालय लौट रहे थे।

रास्ते में रोकी गई सरकारी गाड़ी

सीओ के अनुसार लौटने के दौरान विशाल शुक्ल और उसके साथ मौजूद कुछ लोगों ने सरकारी वाहन का पीछा किया। आरोप है कि रास्ते में गाड़ी को जबरन रुकवाया गया और वाहन की चाबी निकाल ली गई। इसके बाद अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी गई।

अभद्र व्यवहार और धमकी का आरोप

सीओ ने कहा कि जब उन्होंने इस हरकत का विरोध किया तो आरोपितों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद सभी आरोपित मौके से फरार हो गए। इस घटना से प्रशासनिक महकमे में भी चर्चा का माहौल है।

थाने में दी गई शिकायत

घटना के बाद सीओ सीधे शिकारपुर थाना पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। आवेदन में सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्र व्यवहार करने और धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आवेदन प्राप्त हो गया है। प्राथमिकी दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस घटना में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।