भारत-नेपाल बॉर्डर पर चारपहिया तीनपहिया की राह खुलने का इंतजार, इनरवा में दूसरे दिन भी धरना
भारत-नेपाल सीमा पर इनरवा में चारपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक के विरोध में दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। ...और पढ़ें

इनरवा बार्डर पर धरना पर बैठे ग्रामीण। जागरण
HighLights
इनरवा बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही पर रोक के खिलाफ धरना।
चारपहिया और तीनपहिया वाहनों की आवाजाही बहाल करने की मांग।
इनरवा में छोटी भंसार की व्यवस्था शुरू करने की भी मांग।
संवाद सूत्र, भंगहा (पश्चिम चंपारण)। इंडो-नेपाल बॉर्डर पर इनरवा के रास्ते चारपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक के विरोध में सीमावर्ती लोगों का धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
रविवार को देर शाम तक प्रदर्शन के बाद सोमवार सुबह छह बजे से ही लोग बॉर्डर पर जुट गए और धरना शुरू कर दिया।प्रदर्शनकारियों ने ठोरी और भिस्वा बॉर्डर की तर्ज पर इनरवा बॉर्डर से भी चारपहिया और तीनपहिया वाहनों का आवागमन बहाल करने की मांग की।
लोगों का कहना है कि आवागमन पर पाबंदी से सीमावर्ती क्षेत्र के आम लोगों के साथ व्यवसायियों की परेशानी बढ़ गई है। फिलहाल केवल पैदल लोगों को सीमा पार आने-जाने की अनुमति है। साइकिल, बाइक समेत अन्य वाहनों के आवागमन पर भी रोक है।
प्रदर्शनकारियों ने इनरवा बॉर्डर पर छोटी भंसार की व्यवस्था शुरू करने की भी मांग की। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर पहल कर समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक धरना अनिश्चितकालीन जारी रहेगा।
धरनास्थल के समीप नेपाली पुलिस की चौकी भी है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, धरना जारी रहने के बावजूद नेपाली पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। लोगों ने प्रशासन से मामले में शीघ्र पहल कर आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की।
धरना में इस्लाम मियां, अलिहुसैन मियां, लालबहादुर राउत, अलिहक गद्दी, सुरेंद्र साह, आफताब हवारी, भरत सिंह क्षेत्री, अवधेश पटेल, लालू हवारी, हसमुल्लाह मियां, नेजामुद्दीन मंसूरी, ओमप्रकाश और दिलशाद आलम सहित अन्य लोग शामिल रहे।
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