बेतिया। विश्व मानव सेवा आश्रम नरकटियागंज में मंगलवार को विनोबा भावे की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में त्याग और समर्पण के प्रतीकस्वरूप कई गीत प्रस्तुत किए गए। आश्रम की छात्राओं के गीत कि गांव के हैं हम रहने वाले गांव का मान बढ़ाएं हम, गांव बढ़ेगा देश बढ़ेगा यह संदेश फैलाएं हम। इस गीत पर उपस्थित गांधीवादी और समाजसेवी काफी भावुक हुए। जयंती समारोह में वक्ताओं ने संबोधित करते हुए विनोबा भावे के भूदान आंदोलन को समरस समाज और विकसित देश का प्रतीक बताया और कहा कि यदि सरकारें भूदान और ग्राम स्वराज के आंदोलन को धरातल पर उतारती तो समाज और देश का कल्याण होने से कोई रोक नहीं सकता। इसके पूर्व आश्रम के संस्थापक शत्रुघ्न झा, समाजसेवी मोहम्मद सलाउद्दीन, अवधेश तिवारी, सुरेंद्र मिश्र, किशोरी जायसवाल, नगीना पासवान, प्रभु कुशवाहा आदि ने विनोबा भावे को शिद्दत से याद किया और उनके संदेश को जन जन तक पहुंचाने और उसे धरातल पर उतारने की अपील की। वक्ताओं ने यह भी कहा कि विनोबा भावे के उस आंदोलन को आगे बढ़ाया गया होता तो आज ग्राम स्वराज तथा ग्राम राज कायम होता। समाज में कोई विवाद नहीं रह जाता।

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