पश्चिम चंपारण में गंडक नदी का कहर, दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़, जनजीवन अस्त-व्यस्त
Bihar Flood Update: गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से पश्चिम चंपारण के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का ...और पढ़ें

सिसवा गांव में घुसा बाढ़ का पानी। फोटो: जागरण
HighLights
गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से दो दर्जन गांव जलमग्न।
फसलें डूबीं, प्रमुख रास्तों पर आवागमन पूरी तरह ठप।
प्रशासन ने राहत एवं बचाव टीमें तैनात कीं, स्थिति पर नजर।
संवाद सूत्र, योगापट्टी (पश्चिम चंपारण)। Gandak River Water Level: जिले में गंडक नदी का जलस्तर रविवार सुबह से लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते दियारा क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
सिसवामंगलपुर पंचायत के सिसिवा, मंगलपुर, सिसवा कुटी, मंधातापुर, खाप टोला, गोड़टोली, कब्रिस्तान टोला और बिन टोली में बाढ़ का पानी फैल चुका है।
फसलों को भारी नुकसान
चौमुखा पंचायत के चौमुखा, छोटा चौमुखा, बड़हरवा और चौमुखा हरिजनटोली भी बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं जरलपुर खुटवनिया पंचायत के जरलपुर, मदारपुर और बैसिया गांव में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। इन सभी इलाकों में खेतों में लगी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं।
प्रमुख रास्तों पर पानी
प्रखंड मुख्यालय से पंचायतों को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों पर पांच से छह फीट तक पानी बह रहा है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
उधर नौतन प्रखंड के शिवराजपुर और भगवानपुर के सरेह में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
कई गांव जलमग्न
बैरिया प्रखंड के बथना, बैजुआ, सूर्यपुर, लौकरिया और दक्षिणी पटजिरवा समेत करीब एक दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
गंडक नदी में भारी जलस्राव की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव टीमों को तैनात कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
पहाड़ी नदियां उफान पर
विगत चार दिनों से जारी रुक-रुक कर बारिश से करताहा, बिरहा, ओरिया, कौडेना, गंगासागर, नौखनिया, थेथरी, दोहरम, रांगी, हरपतबेनी और कोदइ नदियां उफान पर हैं।
जलभराव के कारण अस्पतालों में मरीजों और सड़कों पर राहगीरों की आवाजाही में भारी कमी दर्ज की गई है।
धान की फसल डूबी
मरजदवा-मैनाटांड मुख्य मार्ग में थेथरी नदी पर बन रहे पुल के एप्रोच पथ पर पानी चढ़ गया है। इसके कारण राहगीरों को डायवर्जन से होकर गुजरना पड़ रहा है।
प्रखंड क्षेत्र में दो हजार एकड़ से अधिक में लगी धान की फसलें पिछले तीन दिनों से पानी में डूबी हुई हैं।
बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट
बेतिया : जिले में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा, राहत एवं बचाव की तैयारियां की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है।
अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर जिला से पंचायत स्तर तक के अधिकारी और कर्मी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। भितहा प्रखंड की सेमरबारी पंचायत में जिला परिवहन पदाधिकारी अमित राज ने निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
वहीं, योगापट्टी के सिसवा मंगलपुर एवं चौमुखा में वरीय उप समाहर्ता अहमद अली और नौतन के मंगलपुर में पीजीआरओ मासूम अंसारी निगरानी कर रहे हैं।
राहत व्यवस्था पर नजर
अन्य जिलास्तरीय, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
प्रशासन जलस्तर, आवागमन, राहत व्यवस्था और प्रभावित आबादी की जरूरतों पर नजर बनाए हुए है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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