बगहा में चार दिन तक थी महेश के लौटने की उम्मीद, 5वें दिन गंडक किनारे मिली उसकी लाश
बगहा में चार दिन पहले गंडक नदी में डूबे महेश मुसहर का शव गुरुवार को नदी किनारे झाड़ी में फंसा ...और पढ़ें

मधुबनी में घटना स्थल पर जुटी स्थानीय लोगों की भीड़।
HighLights
महेश मुसहर चार दिन पहले गंडक नदी में डूब गया था।
गुरुवार सुबह नदी किनारे झाड़ी में फंसा मिला शव।
शव मिलने के बाद परिवार और गांव में मातम पसरा।
जागरण संवाददाता, बगहा (पश्चिम चंपारण)। चार दिनों तक गंडक नदी की लहरों में महेश मुसहर की तलाश होती रही। स्वजन और ग्रामीण हर गुजरते पल उसके सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। गुरुवार की सुबह नदी किनारे झाड़ी में फंसा एक शव दिखाई दिया तो लोगों की नजरें ठिठक गईं।
सूचना पर पहुंचे स्वजन ने शव की पहचान महेश के रूप में की। इसके साथ ही चार दिनों से जारी तलाश का अंत हो गया। शव मिलने के बाद गांव में मातम पसर गया और स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
रेनकट भराई के बाद गया था नहाने
धनहा वार्ड तीन निवासी महेश मुसहर रविवार को पीपी तटबंध पर रेनकट भराई के कार्य में गया था। काम खत्म होने के बाद वह गंडक नदी में स्नान करने चला गया। इसी दौरान गहरे पानी में जाने से वह डूब गया। हादसे की जानकारी मिलते ही स्वजन और ग्रामीण नदी के आसपास उसकी तलाश में जुट गए।
चार दिन तक नहीं मिला सुराग
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर लगातार खोजबीन की गई। प्रशासन की ओर से भी नदी में तलाश अभियान चलाया गया। नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोज के बावजूद चार दिनों तक महेश का कोई पता नहीं चला। हर दिन तलाश के साथ स्वजन की चिंता भी बढ़ती गई।
झाड़ी में फंसा मिला शव
गुरुवार की सुबह ग्रामीण नदी किनारे पहुंचे तो झाड़ी में एक शव फंसा दिखाई दिया। इसकी सूचना धनहा थाना पुलिस और मृतक के स्वजन को दी गई। मौके पर पहुंचे स्वजन ने शव की पहचान महेश मुसहर के रूप में की। शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
धनहा थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की आवश्यक कार्रवाई जारी है। इधर, महेश की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। स्वजन के आंसू थम नहीं रहे हैं।
