गंडक बराज से रिकॉर्ड पानी डिस्चार्ज, पश्चिम चंपारण के निचले इलाकों में बाढ़
Bihar Flood Update: नेपाल और स्थानीय बारिश के कारण गंडक बराज से इस साल का सर्वाधिक 3,00,400 क्यूसेक पानी छोड़ा ...और पढ़ें
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अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।
HighLights
गंडक बराज से 3,00,400 क्यूसेक रिकॉर्ड पानी डिस्चार्ज हुआ।
पश्चिम चंपारण के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया।
करीब 700 ग्रामीणों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया।
जागरण संवाददाता, बगहा (पश्चिम चंपारण)। Gandak Barrage Discharge: नेपाल और स्थानीय स्तर पर लगातार हो रही बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
शनिवार दोपहर वाल्मीकिनगर गंडक बराज से इस साल का सर्वाधिक 3,00,400 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बराज के सभी 36 फाटक उठा दिए गए हैं।
जलस्तर में हुआ भारी इजाफा
नेपाल के देवघाट में भी दोपहर तक 4,40,400 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है। 26 अगस्त को नेपाल में हुए हादसे के बाद दो सितंबर को 1.83 लाख डिस्चार्ज किया गया था। नेपाल और तराई क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ा है।
निचले इलाकों में घुसा पानी
गंडक बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने का असर निचले इलाकों में साफ दिखने लगा है। वाल्मीकिनगर के लक्ष्मीपुर-रामपुरवा पंचायत के चकदहवा, रोहुआ, संतपुर सोहरी और भेड़ियारी बंगाली टोला समेत आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
700 लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए करीब 700 ग्रामीणों को भेड़ियारी उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय स्थित राहत शिविर में पहुंचाया है।
प्रभावित लोगों के लिए शिविर में सामुदायिक रसोई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही विस्थापित ग्रामीणों के लिए मेडिकल टीम और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने लिया जायजा
एसडीएम चांदनी कुमारी, एडीएम राजीव रंजन सिन्हा, सीओ वसीम अकरम और एसएसबी 21वीं वाहिनी के कमांडेंट तपेश्वर संवित राउत ने राहत कार्यों का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम प्रभावित इलाकों में लगातार कैंप कर रही है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
