बेतिया। भारत नेपाल सीमा के भिखनाठोरी बॉर्डर पर दूसरे दिन भी नाला बंद रहा। आक्रोशित आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग बॉर्डर पर पहुंचे। हालांकि पुलिस और एसएसबी ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। भारतीय क्षेत्र के एक नाले को बंद किए जाने से तनाव बनी रही। सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए भिखनाठोरी एसएसबी के जवानों के साथ सहोदरा, मानपुर व भंगहा पुलिस कैंप कर रही है। इधर भवानीपुर, सेमुपुर बैरिया, सहोदरा, खैरटिया, एकवा, इमिलिया टोला व परसौनी से काफी संख्या में लोग भिखनाठोरी में जमा है । महिलाएं भी काफी संख्या में पहुंच कर बंद नाले को खोलवाने के लिए अड़ी हुई हैं। धमौरा मुखिया रामबिहारी महतो ने बताया कि भारतीय अधिकारियों कि उदासीनता से यह परिस्थिति उत्पन्न हुई है। कई ग्रामीणों ने बताया कि एक नाला बंद कर दिए जाने से बचे एक नाला को ही भारतीय क्षेत्र में लाकर दो नाला बनाने का आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि इसका समुचित लाभ दोनों हिस्सों को नहीं मिल पाएगा। सीमा पर उत्पन्न स्थिति को देखते हुए एसडीओ चंदन चौहान, डीएसपीओ सूर्यकांत चौबे, सीओ राजीव रंजन कुमार श्रीवास्तव, एसएसबी डिप्टी कमांडेंट शैलेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर प्रमित कुमार भिखनाठोरी पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद मामला शांत हुआ। जिप अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार गढ़वाल ने बताया कि जिला पदाधिकारी से मिलकर वस्तु स्थिति से अवगत करा दिया गया है। हर हाल में प्रशासन को ग्रामीणों के पानी की समस्या का समाधान कराना होगा। उधर नेपाल आ‌र्म्ड फोर्स व नेपाली पुलिस भी उस विवादित स्थल पर कैंप की हुई है। कोट

आक्रोशित ग्रामीणों को समझा कर वापस भेज दिया गया है। जिला प्रशासन को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही पानी के विवाद को सुलझा लिया जाएगा

चंदन चौहान

एसडीएम

Edited By: Jagran