वीटीआर में जंगल सफारी के शौकीनों के लिए खुशखबरी, 16 अक्टूबर से वीटीआर में फिर रोमांच
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में पर्यटन सत्र की शुरुआत को लेकर तैयारियां तेज हैं, लेकिन हाल की बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत एक चुनौती बनी हुई है।

इस महीने शुरू होने वाले पर्यटन सत्र को लेकर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में तैयारी तेज।
HighLights
वीटीआर में पर्यटन सत्र की शुरुआत की तैयारियां जोरों पर।
बाढ़ से क्षतिग्रस्त जंगल सफारी रास्तों की मरम्मत बड़ी चुनौती।
मौसम अलर्ट के बाद 16 अक्टूबर से सत्र शुरू करने की योजना।
संवाद सहयोगी, बगहा (पश्चिम चंपारण) । इस महीने शुरू होने वाले पर्यटन सत्र को लेकर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) प्रशासन की ओर से सुगबुगाहट तेज हो चला है।
लेकिन अभी मौसम विभाग की चेतावनी व हथिया नक्षत्र को लेकर अंदर ही अंदर चर्चा हो रही है कि अगर क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत कार्य कराया जाएगा तो वर्षा होने के बाद स्थिति यथावत हो जाएगी।
यहां बता दे कि हाल में लगातार बारिश और नेपाल से आए बाढ़ के पानी से वीटीआर के कई हिस्से जलमग्न हो गए थे। अब पानी उतरने के बाद भी कई जगहों पर पानी जमा है।
ऐसे में अगर विभाग उस जल जमाव को समाप्त कर देता है तो बारिश होने के बाद फिर वही परेशानी होगी। वैसे अंदर ही अंदर वन विभाग पर्यटन व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा है। होटल और अन्य सुविधाओं को पहले ही व्यवस्थित किया जा रहा है।
जिसके बाद जंगल सफारी के रास्तों का निरीक्षण किया जाना है। वैसे वनकर्मी सफारी मार्ग पर गिरे पेड़, जल भराव और रास्ते को हुए नुकसान का जायजा ले रहे हैं। जिसमें पाया गया है कि बाढ़-बारिश से कई जगह रास्ते प्रभावित खराब हो गया है।
मौसम व संभावित वर्षा के कारण विभाग पर्यटन सत्र चालू करने में उतनी दिलचस्पी नहीं ले रहा है। कारण कि जंगली रास्तों की मरम्मत के लिए विभाग के द्वारा एक ही बार राशि आवंटित की जाती है।अगर पूरा बरसात समाप्त होने के बाद पर्यटन सत्र चालू होता है तो विभाग को फिर से रास्ता मरम्मत की नौबत नहीं आएगी।
अगर अब वर्षा या बाढ़ नही आती है तो वाल्मीकिनगर में इस साल का दूसरे सत्र का पर्यटन सत्र चालू कर दिया जाएगा। इसके पहले मौसम विभाग के द्वारा जारी अलर्ट को भी ध्यान में रख कर जंगली रास्तों की मरम्मत कराया जाएगा। जिससे कि समय से पर्यटन सत्र चालू हो सके।
विकास अहलावत, डीएफओ वन प्रमंडल दो, बेतिया ।
