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Bihar News : नेपाल में भारतीय पर्यटकों को लुभाने की पहल, बाढ़ के बाद बिगड़ी छवि सुधारने में जुटा पर्यटन उद्योग

Published: Tue, 27 Oct 2026 04:22 PM (IST)

नेपाल और भारत के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तीन दिवसीय सीमा-पार पर्यटन संपर्क कार्यक्रम शुरू हुआ है। ...और पढ़ें

तीन दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 23 से ज्यादा भारतीय पर्यटन एवं ट्रैवल व्यवसायी पहुंचे नेपाल

तीन दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 23 से ज्यादा भारतीय पर्यटन एवं ट्रैवल व्यवसायी पहुंचे नेपाल

HighLights

  1. नेपाल-भारत सीमा-पार पर्यटन संपर्क कार्यक्रम का शुभारंभ।

  2. भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य।

  3. नेपाल के पर्यटन स्थलों का भ्रमण और प्रचार।

संवाद सूत्र, वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण)। नेपाल में भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और भारत में नेपाली पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय नेपाल-भारत सीमा-पार पर्यटन संपर्क कार्यक्रम सोमवार से शुरू हुआ।

गैर आवासीय नेपाली संघ ने भारतीय पर्यटन और ट्रैवल व्यवसायियों के लिए 26 अक्टूबर को नवलपरासी जिले के मौलाकली, 27 अक्टूबर को चितवन के पटीहानी और 28 अक्टूबर को शक्तिखोर में कार्यक्रम आयोजित किया है।

गैर आवासीय नेपाली संघ (एनआरएनए) और समृद्ध चितवन अभियान की संयुक्त मेजबानी में हुए कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के ट्रैवल ट्रेड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश सिंह और इंडो-नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष डा. जितेन्द्र पाल सिंह ने किया। इसमें भारत के विभिन्न शहरों से 23 से ज्यादा पर्यटन और ट्रैवल व्यवसायी भाग ले रहे हैं।

एनआरएनए के प्रवक्ता सोमनाथ सपकोटा ने बताया कि भारतीय व्यवसायियों को नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जाएगी। उन्हें लुंबिनी, नवलपरासी जिले के अमलटारी और चितवन के पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इसका उद्देश्य नेपाल के पर्यटन को लेकर भारत में फैले नकारात्मक संदेशों को कम करना है।

भोटेकोशी में आई बाढ़ के बाद नेपाल में आना असुरक्षित होने का संदेश भारत सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद नेपाल आने वाले कई पर्यटकों ने अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया और वहां विदेशी पर्यटकों की संख्या घट गई।

इसी पृष्ठभूमि में भारतीय पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए यह पहल की गई है।भारत दुनिया का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश है। पिछले वर्ष करीब तीन लाख से ज्यादा भारतीय पर्यटक नेपाल पहुंचे थे।

कार्यक्रम में बुद्ध सर्किट, थारू संस्कृति, जंगल सफारी और अमलटारी क्षेत्र के भ्रमण के लिए पर्यटकीय सुविधाओं और होटल को बढ़ावा देने वाले विशेष पैकेज पर चर्चा होगी।

भारतीय व्यवसायियों से लुंबिनी और चितवन से पोखरा तथा काठमांडू के पर्यटन स्थलों तक भ्रमण के पैकेज तैयार करने पर भी बातचीत की जाएगी। कार्यक्रम को नेपाल पर्यटन बोर्ड और होटल एसोसिएशन ऑफ नेपाल सहित अन्य संस्थाओं का सहयोग मिला है।

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