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बिहार में रूपा की गंध पाकर बेकाबू नर हाथी, रेलवे ट्रैक पर पहुंचा तो थम गई ट्रेनों की रफ्तार

Published: Mon, 26 Oct 2026 03:49 PM (IST)

पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में एक नर हाथी हथिनी की गंध से आकर्षित होकर बेकाबू हो गया और रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया, जिससे रेल सेवा प्रभावित हुई।

वीटीआर में भ्रमण करते हाथी। सौजन्य- ग्रामीण

वीटीआर में भ्रमण करते हाथी। सौजन्य- ग्रामीण

HighLights

  1. नर हाथी हथिनी की गंध से आकर्षित होकर बेकाबू हुआ।

  2. हाथी के रेलवे ट्रैक पर आने से रेल सेवा बाधित हुई।

  3. वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने का अलर्ट जारी किया।

तूफानी चौधरी, बगहा (पश्चिम चंपारण)। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के वाल्मीकिनगर क्षेत्र से गैंडे के रेस्क्यू के लिए मदनपुर पहुंचा नर हाथी हथिनी की गंध पाकर बिदक गया था। इसके बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया।

हाथी के बेकाबू होने के कारण वह रेलवे लाइन पर चढ़ गया था, जिससे वाल्मीकिनगर रोड रेलवे स्टेशन और पनियहवा के बीच रेल सेवा प्रभावित हो गई थी।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, नर हाथी के इस तरह लंबी दूरी तय कर दूसरे वन क्षेत्र में पहुंचने का संबंध उसके प्रजनन काल और मस्त की अवस्था से हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों के प्रजनन के लिए कोई निश्चित महीना निर्धारित नहीं है। वे सालभर प्रजनन कर सकते हैं, लेकिन अक्टूबर से जनवरी के बीच उनकी प्रजनन गतिविधियां अधिक सक्रिय मानी जाती हैं।

वर्षा के बाद जंगल में भोजन और पानी की पर्याप्त उपलब्धता भी हाथियों की गतिविधियों को प्रभावित करती है। वर्तमान समय इसी सक्रिय अवधि का है।

मदनपुर के जंगल में वर्षों से अकेली रह रही हथिनी रूपा

स्थानीय वनकर्मियों के अनुसार, मदनपुर वन क्षेत्र में रेस्क्यू की गई हथिनी रूपा लंबे समय से अकेले रह रही है। माना जा रहा है कि हथिनी की गंध ने नर हाथी को अपनी ओर आकर्षित किया होगा।

हाथियों की सूंघने की क्षमता काफी विकसित होती है। इसी कारण वे दूर मौजूद दूसरे हाथियों की गंध पहचान सकते हैं। हालांकि, नर हाथी के मदनपुर पहुंचने के पीछे हथिनी की गंध ही मुख्य कारण थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, नर हाथी लगभग 15 से 25 वर्ष की उम्र में प्रजनन की दृष्टि से परिपक्व हो जाता है। इस दौरान वह साल में दो से तीन महीने तक मस्त की अवस्था में रह सकता है।

इस अवस्था में उसकी कनपटी के पास स्थित ग्रंथियों से तरल पदार्थ निकलने लगता है और शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर सामान्य से काफी बढ़ जाता है।

हार्मोनल बदलाव के कारण नर हाथी अधिक आक्रामक और चिड़चिड़ा हो सकता है। ऐसे में वह हथिनी की तलाश में एक दिन में 20 से 30 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है।

22 महीने का होता है हथिनी का गर्भकाल

हाथियों का गर्भकाल स्तनधारी जीवों में सबसे लंबा होता है। हथिनी का गर्भकाल लगभग 22 महीने का होता है। सामान्यतः वह एक बार में एक ही बच्चे को जन्म देती है।

बच्चे के जन्म और उसके पालन-पोषण में लंबा समय लगने के कारण हथिनी के दो प्रजनन के बीच कई वर्षों का अंतर हो सकता है। ऐसे में नर हाथी मादा की तलाश में लंबी दूरी तय कर सकते हैं।

इधर, नर हाथी के बिदकने की घटना के बाद वन विभाग सतर्क है। मदनपुर वन क्षेत्र पदाधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि मदनपुर और आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथी के नजदीक न जाएं, ढोल-नगाड़े न बजाएं और उसे किसी भी तरह से परेशान न करें। हाथी दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे भगाने की कोशिश करने के बजाय वन विभाग को सूचना दें, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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