पश्चिम चंपारण में हाजिरी बनाकर गायब हुईं शिक्षिका, जांच में खुली पोल, विभाग करेगा कार्रवाई
पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में एक शिक्षिका जांच के दौरान अनुपस्थित मिलीं, जबकि उन्होंने हाजिरी दर्ज की थी। बीईओ ने ...और पढ़ें
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विद्यालय की जांच करते बीईओ। सौ. विभाग
HighLights
शिक्षिका शहनाज प्रवीण हाजिरी लगाकर अनुपस्थित मिलीं।
बीईओ ने शिक्षिका पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की।
अनियमितता के आरोप में प्रधान शिक्षक हटाए गए।
जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण) । बिहार के पश्चिम चंपारण में नरकटियागंज प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कटघरवा में गुरुवार को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार यादव की औचक जांच में एक शिक्षिका की लापरवाही सामने आई है।
जांच के दौरान शिक्षिका शहनाज प्रवीण विद्यालय में अनुपस्थित मिलीं, जबकि उन्होंने सुबह हाजिरी दर्ज कराई थी। बीईओ ने बताया कि शिक्षिका के खिलाफ पहले भी अनियमितता की कई शिकायतें मिल चुकी हैं।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजन श्रीवास्तव बताया कि शिक्षिका की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाने और हाजिरी काटने की कोशिश की गई थी, लेकिन उनके पति स्कूल पहुंचकर दबाव देने लगते हैं।
वार्ड सदस्य संजय प्रसाद और राजू पटेल ने बताया कि वे बच्चों के नामांकन के सिलसिले में विद्यालय पहुंचे थे। पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि शिक्षिका सुबह हाजिरी बनाकर स्कूल से चली गई थीं। हालांकि शिक्षिका ने मामले में तबीयत खराब होने की बात कही है।
बीईओ राजेश कुमार यादव ने कहा कि मामले की जांच में हाजिरी बनाकर विद्यालय से अनुपस्थित होने का मामला सही पाया गया है और शिक्षिका के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
बताया कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल की जांच में भी पिछले एक माह के दौरान कई दिनों तक सुबह 7 से 7:30 बजे के बीच हाजिरी दर्ज हुई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अनियमितता के आरोप में हटाए गए प्रधान शिक्षक
प्रखंड के डीके शिकारपुर पंचायत स्थित मुजौना प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक मो. अबुलैस अंसारी को अनियमितता के आरोपों के बाद विद्यालय से हटा दिया गया है।
विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक उनका स्थानांतरण रखई कुर्मी टोला विद्यालय में किया गया है। बीईओ राजेश कुमार यादव ने बताया कि 30 अप्रैल को ग्रामीणों ने पंचायत मुखिया के साथ विद्यालय में तालाबंदी कर प्रधान शिक्षक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि विद्यालय मद की राशि का दुरुपयोग कर उन्होंने अपने घर की मरम्मत कराई है, जबकि विद्यालय भवन का रंगरोगन नहीं कराया गया। इसके अलावा छात्रों से टीसी देने के नाम पर 200 से 400 रुपये तक की वसूली का भी आरोप था।