बिहार में जमीन रजिस्ट्री के नए नियमों से ग्रामीण परेशान, स्टांप के लिए चक्कर लगाने को मजबूर
जमीन निबंधन के लिए ई-स्टांप हेतु अब ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे नकद भुगतान बंद हो गया है।

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
ई-स्टांप के लिए अब ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य।
नकद भुगतान बंद, ग्रामीणों को डिजिटल जानकारी का अभाव।
सर्वर डाउन और अतिरिक्त शुल्क से मुश्किलें बढ़ीं।
जागरण संवाददाता, बेतिया। जमीन निबंधन की नई व्यवस्था के बाद अब ई-स्टांप खरीदने के लिए भी ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है।
विभाग ने नकद भुगतान की सुविधा बंद कर दी है। दूसरी ओर, पारंपरिक स्टांप की उपलब्धता घटने से जमीन के खरीदारों और विक्रेताओं को परेशानी हो रही है।
डिजिटल भुगतान की जानकारी या सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को सीएससी और साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहां प्रति ट्रांजैक्शन अतिरिक्त राशि ली जा रही है। सर्वर डाउन रहने से एक दिन में होने वाला काम तीन दिन तक अटक रहा है।
शनिवार को कार्यालय पहुंचे योगापट्टी के हरिशंकर प्रसाद, नौतन के श्याम किशोर प्रसाद और अकलू राउत ने बताया कि उनके पास स्मार्ट फोन है, लेकिन वे यूपीआई या नेट बैंकिंग का उपयोग नहीं कर पाते।
मामले में दी नेशनल सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मिथिलेश कुमार ने कहा कि सरकार के निर्देश पर ई-स्टांप के लिए ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य किया गया है।
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