ओम का नियम क्या है? शिक्षक की भूमिका में नजर आए बगहा SP, पढ़ाया प्रतिरोध व विभावंतर का पाठ
Bagaha Police Superintendent News: बगहा के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने रामनगर के गुट्टी लाल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ...और पढ़ें
HighLights
एसपी राजेश कुमार ने छात्राओं को भौतिक विज्ञान पढ़ाया।
ओम का नियम, प्रतिरोध और विभवांतर पर चर्चा की।
विज्ञान को रटने की बजाय समझने पर जोर दिया।
संवाद सूत्र, रामनगर (पश्चिमी चंपारण)। Bagaha SP Teacher Physics: नगर के गुट्टी लाल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बगहा के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने 10 वीं कक्षा की छात्राओं को भौतिक विज्ञान का पाठ पढ़ाया।
एसपी ने शिक्षक की भूमिका में नजर आते हुए छात्राओं को प्रतिरोध और विभवांतर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बोर्ड पर ओम के नियम का सत्यापन किया और परिपथ संयोजन से जुड़े सूत्रों को समझाया।
छात्राओं ने दिखाई रुचि
विद्यालय में विद्युत विषय पर पूरी चर्चा हुई, जिसमें 10वीं कक्षा की छात्राओं ने काफी उत्साह और रुचि दिखाई। पुलिस कप्तान ने करीब दो से ढाई घंटे तक बच्चों को भौतिकी विषय की बारीकियां समझाईं।
इस दौरान बगहा एसडीपीओ निहार भूषण, थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक सदाकांत शुक्ला, प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार और अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
प्रैक्टिकल से समझने की सलाह
एसपी ने छात्राओं को समझाते हुए कहा कि विज्ञान विषय को रटने की जगह समझना और प्रैक्टिकल करना बेहद जरूरी है। रटी हुई चीजें ज्यादा दिनों तक याद नहीं रहतीं, जबकि समझी गई बातें हमेशा दिमाग में बनी रहती हैं। इस दौरान छात्राओं द्वारा भौतिक विज्ञान से पूछे गए प्रश्नों का एसपी ने बेझिझक उत्तर दिया।
क्या है ओम का नियम
ओम का नियम (Ohm's Law) भौतिकी का एक मूल सिद्धांत है, जिसकी खोज जर्मन वैज्ञानिक जॉर्ज साइमन ओम ने 1827 में की थी। यह नियम किसी विद्युत परिपथ में विभवांतर (V), धारा (I) और प्रतिरोध (R) के बीच संबंध को दर्शाता है। यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएं स्थिर रहें, तो विभवांतर धारा के समानुपाती होता है (V=I×R)।
