Ananya Murder Case : बेतिया के जिस घर में 3 बार हुई तलाशी, उसी की छत पर बोरी में मिला 2 साल की बच्ची का शव
बेतिया में दो वर्षीय अनन्या का शव उसी घर की छत से बोरी में मिला, जिसकी पुलिस ने कई बार ...और पढ़ें

घटना की सूचना पर जुटी स्थानीय लोगों की भीड़।
HighLights
दो वर्षीय अनन्या का शव उसी घर की छत से मिला।
पुलिस ने पहले कई बार घर की तलाशी ली थी।
सीसीटीवी फुटेज व संदिग्धों के बावजूद पुलिस पर सवाल।
जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। मझौलिया के वार्ड संख्या 5 निवासी हबीब खान की दो वर्षीय अनन्या की हत्या ने पुलिस के इकबाल को तार-तार कर दिया है।
बच्ची को ले जाते हुए संदिग्ध किशोरी सीसीटीवी फुटेज में दिखी, स्वजन ने पुलिस को फुटेज सौंपा, आरोपित और उसके स्वजन हिरासत में भी लिए गए, घर की तलाशी भी ली गई, लेकिन पुलिस बच्ची को सकुशल बरामद नहीं कर सकी।
तीन दिन से लापता बच्ची का शव आखिरकार उसी घर की छत से बोरी में बंद मिला, जहां पुलिस पहले भी छानबीन कर चुकी थी। इस घटनाक्रम ने पुलिस की जांच और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिर जब पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज था और संदिग्ध हिरासत में थी, तो पूछताछ में बच्ची का पता क्यों नहीं चल सका? अगर अपहरण के तुरंत बाद ही उसकी हत्या कर दी गई थी, जैसा कि पुलिस कह रही है, तो शव उसी दिन बरामद क्यों नहीं हुआ? क्या शुरुआती जांच में कोई चूक हुई या तलाशी के दौरान अहम जगह की अनदेखी की गई? बच्ची की जान जाने के लिए जिम्मेदार कौन है? ऐसे कई सवाल हैं, जिनका जवाब अब पुलिस की जांच से अपेक्षित है।
पुलिस शव बरामद कर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन सवाल उठता है कि बच्ची के स्वजन चीख चीख कर आरोपित का नाम ले रहे थे, सीसीटीवी फुटेज में आरोपित बच्ची को ले जाते भी दिखी थी, तो फिर पुलिस इस मामले को समय रहते क्यों नहीं सुलझा पाई? इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है, फिलहाल इस मामले में पुलिस बैक फुट पर दिख रही है।
6 अक्टूबर को दो वर्षीय अनन्या का हुआ था अपहरण
छह अक्टूबर को मझौलिया पंचायत के वार्ड पांच निवासी हसीब खां की दो वर्षीय पुत्री अनन्या घर के दरवाजे पर खेल रही थी। कुछ देर बाद वह अचानक लापता हो गई। करीब 20 मिनट बाद स्वजन ने उसकी तलाश शुरू की।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में पड़ोस की किशोरी , बच्ची को गोद में लेकर जाती दिखाई दी। घटना के कुछ ही घंटे के बाद स्वजन ने पुलिस को सूचना दिया।
बच्ची के दादा हारुण खां ने मझौलिया थाना में आवेदन देकर पड़ोस की किशोरी समेत तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई और पुलिस को फुटेज भी उपलब्ध कराया। स्वजन ने पड़ोसियों पर बच्ची के अपहरण का आरोप लगाया था।
इसके बाद पुलिस ने किशोरी की मां और भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके घर पर तीन बार तलाशी भी ली गई, लेकिन बच्ची नहीं मिली। बाद में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
गुरुवार की देर शाम उसी घर की छत से बोरी में बंद अनन्या का शव बरामद हुआ। मुख्य आरोपित 17 वर्ष किशोरी को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जबकि उसके माता-पिता, भाई समेत पांच लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पड़ोसियों के आपसी विवाद में बच्ची की हुई हत्या
एसडीपीओ वन अजीत कुमार ने बताया कि बच्ची का अपहरण करने के बाद ही उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस लगातार बच्ची की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही थी।
आरोपितों से सख्ती से पूछताछ के बाद शव बरामद हुआ। उनके अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले से विवाद था और इसी विवाद में बच्ची की हत्या की गई।
हालांकि, पुलिस के इस बयान के बाद भी सवाल बना हुआ है कि सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की हिरासत के बावजूद बच्ची का शव पहले क्यों नहीं मिल सका। अब जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि तलाशी के दौरान क्या-क्या जांचा गया और पुलिस से कहां चूक हुई।
