सारण। लगातार हो रही मूसलधार बारिश के बीच गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि से सोनपुर के कई तटवर्ती गांवों में भीषण कटाव शुरू हो गया है। वाल्मीकिनगर बराज से पानी छोड़े जाने के बाद से गंडक नदी उफान पर है। इस लेकर यहां सवाइच घाट, शिकारपुर और कल्याणपुर की सीमा से लेकर शिव मंदिर के बीच तेज गति से कटाव शुरू हो गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने जल-निस्सरण विभाग के पदाधिकारियों को सूचित भी किया है, लेकिन अभी तक कटावरोधी कार्य शुरू नहीं किया जा सका है।

इधर सोनपुर जगजीवन रेल पुल के समीप बसे सवाइच घाट पर कटाव से स्थिति भयावह हो गयी है। वार्ड पार्षद शैलेंद्र कुमार ने बताया कि कटाव की रफ्तार अगर यही रही तब घाट के बगल में बसे बस्ती को नदी में विलीन होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। कटाव स्थल से मात्र 10 से 15 फीट की दूरी पर लोगों का घर है। उन्होंने बताया कि विभागीय एसडीओ तथा जेई को इसकी सूचना दे दी है। दूसरी ओर गंडक नदी से कटाव का यह रौंद्र रूप देखकर लोगों में दहशत व्याप्त है। कब क्या हो कुछ कहा नहीं जा सकता।

गौरतलब हो कि दो वर्ष पहले भी यहां इसी प्रकार कटाव शुरू हुआ था लेकिन विभागीय स्तर पर कटावरोधी कार्य तुरंत आरंभ करा दिये जाने से खतरा टल गया था। शिकारपुर तथा कल्याणपुर की सीमा से लेकर शिव मंदिर के बीच गंडक से कटाव शुरू है। नदी तट के आसपास केला बगान कटाव की चपेट में है। नदी किनारे के बाशिदों में अफरातफरी की स्थिति है। कल्याणपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राज कुमार राय ने बताया कि उन्होंने कटाव की सूचना विभागीय पदाधिकारियों को दी है। तत्पश्चात पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना भी किया। लेकिन लगातार बारिश के कारण अभी तक कटावरोधी कार्य शुरू नहीं किया जा सका है।

इधर सोनपुर के सबलपुर समेत गंगा के तटीय इलाके में भी कटाव को लेकर खतरा मंडरा रहा है। जानकारी के अनुसार सबलपुर महुआबाग बद्री घाट के समीप गंगा नदी के तट पर बने कटावरोधी बांध के निकट विभागीय स्तर पर संभावित कटाव से बांध को बचाए जाने के मद्देनजर बालू भरे बोरे इकट्ठे कराए जा रहे हैं। वहीं तटीय इलाके में लोग हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं। गौरतलब हो कि पूर्व के वर्षों में यहां लोगों को गंगा में कटाव को लेकर भारी तबाही का सामना करना पड़ा है।

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