दैनिक जागरण में खबर छपते ही जागा प्रशासन: रामपुर भट्टी ढाब में बोरा-बालू से बना रहा अस्थायी रास्ता
दैनिक जागरण की खबर के बाद, जिला प्रशासन ने राघोपुर के रामपुर भट्टी ढाब में बालू भरकर अस्थायी रास्ता बनाना शुरू कर दिया है।
HighLights
दैनिक जागरण की खबर के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ।
रामपुर भट्टी ढाब में अस्थायी रास्ता बन रहा है।
स्थानीय लोग खुश, स्थायी समाधान की मांग बरकरार।
संवाद सूत्र, राघोपुर। राघोपुर प्रखंड के रामपुर श्यामचंद पंचायत के वार्ड नंबर 1 रामपुर भट्टी पर ढाब में जिला प्रशासन ने आखिरकार रास्ते का निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।
बोरा में बालू भरकर अस्थायी रास्ता बनाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी खुशी है। दैनिक जागरण के खबर का असर, दैनिक जागरण के 17 अक्टूबर शनिवार के अंक में मासूमों की मौत के बाद नहीं चेता प्रशासन, अभी चल रही जुगाड़ की नाव हेडिंग से इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
खबर में बताया गया था कि रामपुर भट्टी के ढाब में पानी रहने के कारण लोग आज भी जान जोखिम में डालकर जुगाड़ की नाव से आने-जाने को मजबूर हैं।
खबर प्रकाशित होते ही जिला और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और रविवार को ढाब में रास्ता निर्माण कार्य शुरू करा दिया।
स्थानीय लोगों ने इसके लिए दैनिक जागरण को धन्यवाद दिया और कहा कि अखबार में खबर छपने के बाद ही प्रशासन ने सुध ली।
गौरतलब हो कि रामपुर श्यामचंद में 13 बच्चों की मौत के 5 दिन बाद भी प्रखंड के अन्य घाटों की स्थिति जस की तस थी। भगतान टोला में मंगलवार को भोज खाने जा रहे बच्चों की नाव डूबने से 13 बच्चों की मौत के बाद लोग डरे-सहमे हैं, फिर भी मजबूरी में उसी जुगाड़ की नाव से बच्चों को लेकर आवाजाही कर रहे हैं।
शुक्रवार को स्थानीय अभय कुमार यादव, समाजसेवी रवि यादव और राजद तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष राजा राम राय ने आक्रोश जताया था।
उन्होंने बताया था कि ढाब के उस पार करीब 20 घर हैं और इधर के सैकड़ों लोग खेती करने जाते हैं। बाढ़ के दौरान डेढ़ महीने तक पानी रहने के बावजूद सरकारी नाव तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया था कि क्या फिर से हादसा होने पर ही डीएम, सरकार और विधायक सुनेंगे? उन्होंने स्थायी पुल या पक्के घाट और सरकारी नाव की मांग की थी।
अब अस्थायी रास्ता बनने से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन स्थायी समाधान की मांग अभी भी बरकरार है। स्थानीय लोगों ने दैनिक जागरण को धन्यवाद किया है।
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