वैशाली में उद्योगों के लिए IDA को सौंपी 1234 एकड़ जमीन, 5200 रैयतों को मिलेगा मुआवजा
वैशाली जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए 11 मौजों की 1,234 एकड़ से अधिक भूमि औद्योगिक विकास प्राधिकरण (IDA) को हस्तांतरित कर दी गई है।

भूमि के दखल-कब्जा से संबंधित दस्तावेज सौंपती डीएम। सौ. आइपीआरडी
HighLights
वैशाली में औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि हस्तांतरण पूरा।
1,234 एकड़ से अधिक भूमि IDA को सौंपी गई।
5,200 रैयतों को 389 करोड़ रुपये मुआवजा मिला।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर। वैशाली जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की दिशा में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
इसके तहत 11 मौजों की कुल 1,234.42497 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा सात नवंबर को अधियाची विभाग औद्योगिक विकास प्राधिकरण (IDA), पटना को सौंप दिया गया।
इससे जिले में औद्योगिक विकास की परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर जिला भू-अर्जन कार्यालय ने भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई है।
5200 रैयतों को मिलेगा मुआवजा
अब तक करीब 5,200 रैयतों को कुल 389 करोड़ रुपये मुआवजा देने की अंतिम कार्रवाई पूरी कर ली गई है। भूमि हस्तांतरण के पहले चरण में आठ मौजों की 485.50817 एकड़ जमीन का दखल-कब्जा तीन और 21 अक्टूबर को आईडीए को सौंपा गया था।
इसके बाद सात नवंबर को शेष तीन मौजों बहसी दामोदर, बहसी सैदपुर और जाफरपट्टी की 748.9167 एकड़ भूमि भी हस्तांतरित कर दी गई।
इस तरह सभी 11 मौजों की 1,234.42497 एकड़ भूमि आईडीए को सौंपने की प्रक्रिया पूरी हो गई। इधर, शेष रैयतों को मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नौ नवंबर से मौजा विलंदपुर धंधुआ में विशेष शिविर लगाया जाएगा।
शिविर में आवेदन दे सकते हैं वंचित रैयत
जिन रैयतों ने अब तक मुआवजा प्राप्त करने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, वे शिविर में सभी आवश्यक कागजात के साथ आवेदन दे सकते हैं। इसके आधार पर नियमानुसार मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया है। साथ ही रैयतों से विशेष शिविर का लाभ उठाकर समय पर दस्तावेज जमा करने की अपील की गई है।