बिहार में गंगा का रौद्र रूप: वैशाली की 20 पंचायतों का संपर्क टूटा, सड़कों पर चल रही नावें; बिजली सप्लाई भी ठप
वैशाली के राघोपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से 20 पंचायतों का संपर्क टूट गया है और ढाई लाख ...और पढ़ें
HighLights
राघोपुर की 20 पंचायतों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूटा।
बाढ़ से 206 ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति बंद की गई।
लोग सांप-बिच्छू के डर से रात भर जागने को मजबूर।
संवाद सूत्र, राघोपुर। पिछले कई दिनों से गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि से राघोपुर की बड़ी आबादी भयभीत है। प्रखंड की सभी 20 पंचायतों का मुख्य सड़क से संपर्क भंग हो चुका है।
प्रखंड के मुख्य मार्ग रुस्तमपुर से वीरपुर तक सड़क पर कहीं चार फीट तो कहीं पांच फीट पानी रहने के कारण आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है।
जुड़ावनपुर थाना परिसर, बाजार, प्रखंड परिसर स्थित रेफरल अस्पताल मोहनपुर एवं किसान भवन समेत सभी विद्यालयों में बाढ़ का पानी भर गया है।

सिक्सलेन पुल के पाया नंबर 13 से लेकर 56 तक में बाढ़ का पानी फैल चुका है। कहीं 3 फीट तो कहीं 4 फीट पानी भर गया है, जिसके कारण जाफराबाद और जहांगीरपुर के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है।
फतेहपुर से खालसा घाट, पहाड़पुर से जमींदारी घाट, रुस्तमपुर लोहा पुल से सिक्सलेन निर्माणाधीन पुल जाने वाली सड़क, शिवनगर चौक से विश्राम टोला, रामपुर लंका एवं चक सिंगार से रामपुर करारी बरारी जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी कई जगह पानी चढ़ गया है।
जान जोखिम में डालकर आवागमन को मजबूर लोग
बाढ़ प्रभावित गांवों में अंचल कार्यालय की ओर से पर्याप्त मात्रा में नाव उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके कारण लोग जुगाड़ की नाव बनाकर जान जोखिम में डालकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने को मजबूर हैं।

लोग अपने दैनिक उपयोग की सामग्री लाने के लिए बाढ़ के पानी में जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। खासकर पशुपालकों को पशु चारा लाने के लिए बाढ़ के पानी में जाना पड़ रहा है। जुड़ावनपुर थाना परिसर में बाढ़ का पानी आ जाने के बाद पुलिस कर्मियों को भी काम करने में दिक्कत हो रही है।
प्रखंड के ढाई लाख आबादी भगवान भरोसे
राघोपुर प्रखंड के ढाई लाख की आबादी भगवान भरोसे है। अंचल के स्तर पर सिर्फ नाव की व्यवस्था की गई है। पिछले कई दिनों से निचले इलाकों में और पिछले दो दिनों से प्रखंड के सभी गांवों में बाढ़ का पानी भरने के बाद भी अंचल द्वारा पॉलीथिन शीट एवं सूखा राशन का वितरण नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों ने सरकार एवं जिला प्रशासन से सूखा राशन, पॉलीथिन शीट एवं सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
सांप-बिच्छू के डर से रतजगा कर रहे लोग
राघोपुर प्रखंड के 20 पंचायतों के करीब 75 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से लोग सांप-बिच्छू के डर से रात भर जागने को मजबूर हैं। लोग रात भर अपने बच्चों के साथ रतजगा कर रहे हैं।
राघोपुर में 206 ट्रांसफार्मर बंद
गंगा नदी में बाढ़ के कारण राघोपुर प्रखंड की कई पंचायतों में विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी गई है। विद्युत आपूर्ति प्रशाखा राघोपुर द्वारा गुरुवार की सुबह आज 8:30 बजे सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई फीडरो से बिजली बंद की गई है। यह जानकारी जेई रूपेश कुमार यादव ने दी।

उन्होंने कहा कि वीरपुर फीडर बंद है ,राघोपुर पूर्वी, पश्चिमी, जुरावनपुर, करारी बरारी, पहाड़पुर पूर्वी और पश्चिमी पंचायत में गंगा का पानी घुस जाने के कारण 11 केवी वीरपुर फीडर बंद कर दिया गया है।
इस फीडर से कुल 142 ट्रांसफार्मर बंद हैं, जिसमें 100 केवीए के 11, 200 केवीए का 01, 63 केवीए के 96, 25 केवीए के 32 और 16 केवीए के 02 ट्रांसफार्मर शामिल हैं।रुस्तमपुर फीडर बंद है, जहांगीरपुर, जफराबाद, रुस्तमपुर और सैदाबाद पंचायत में 11 केवी रुस्तमपुर फीडर से कुल 33 ट्रांसफार्मर बंद किए गए हैं।
इसमें 63 केवीए के 22 और 25 केवीए के 11 ट्रांसफार्मर हैं। मोहनपुर फीडर बंद कर दिया गया है,चंदपुरा, ब्रह्मपुर और जगदीशपुर में 11 केवी मोहनपुर फीडर से कुल 21 ट्रांसफार्मर बंद किए गए हैं। इसमें 63 केवीए के 16 और 25 केवीए के 05 ट्रांसफार्मर हैं। फतेहपुर फीडर बंद कर दिया गया है।
फतेहपुर और रामपुर श्यामचंद में 11 केवी फतेहपुर फीडर से कुल 10 ट्रांसफार्मर बंद किए गए हैं। इसमें 63 केवीए के 07 और 25 केवीए के 03 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। बिजली बंद होने से इन पंचायतों के सैकड़ों घरों में अंधेरा पसरा है।
लोगों को मोबाइल चार्जिंग, पेयजल और रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है। जेई ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद सुरक्षा जांच कर पुनः बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
नीतीश कुमार ने कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से लिया बाढ़ का जायजा
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और हरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने, सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की।

गौरतलब है कि राघोपुर प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रखंड के करीब 20 पंचायतों के 75 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। रुस्तमपुर से बीरपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर कई जगहों पर पानी भर जाने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
बाढ़ का पानी अब सरकारी कार्यालयों तक पहुंच गया है। प्रखंड परिसर, रेफरल अस्पताल मोहनपुर, सीडीपीओ कार्यालय, जुड़ावनपुर थाना परिसर और कृषि भवन परिसर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंगा नदी के लगातार जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण राघोपुर दियारा वासी में भय का माहौल है।
