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छपरा में सरयू नदी का कहर: शहर की दहलीज तक पहुंचा बाढ़ का पानी, बस्तियों की सड़कें हुईं लबालब

By Amritesh KumarEdited By: Krishna Bahadur Singh Parihar
Published: Thu, 03 Sep 2026 12:28 PM (IST)

सरयू नदी का बाढ़ का पानी छपरा शहर की सीमा तक पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले ...और पढ़ें

छपरा में जलभराव। फोटो जागरण

छपरा में जलभराव। फोटो जागरण

HighLights

  1. सरयू नदी का बाढ़ का पानी छपरा शहर की सीमा तक।

  2. अड्डा नंबर दो सड़क पर पानी, आवागमन में बाधा उत्पन्न।

  3. रिविलगंज के गांवों में फसलें डूबीं, सौ से अधिक घर प्रभावित।

जागरण संवाददाता, छपरा। छपरा शहर से सटे अड्डा नंबर दो की सड़क पर गुरुवार को सरयू का बाढ़ का पानी चढ़ गया। शहर की सीमा पर पानी पहुंचने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

नमामि गंगे योजना का इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आइपीएस) भी पानी बढ़ने के कारण बंद हो गया है। इससे शहर के सीवरेज का पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न हो गई है।

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नगर निगम ने शहर में जलजमाव रोकने के लिए रूपगंज के पास तीन पंपिंग सेट लगाकर सीवरेज का पानी बाहर निकालने की व्यवस्था की है।

अड्डा नंबर दो की सड़क पर चढ़ा पानी

सरयू के लगातार बढ़ते जलस्तर से छपरा शहर से सटे निचले इलाकों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। अड्डा नंबर दो के पास सड़क पर पानी आ जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले एक-दो दिनों में सोनारपट्टी मोहल्ले की ओर से शहर में पानी प्रवेश करने का खतरा बढ़ सकता है।

स्लुइस गेट बंद, आइपीएस भी हुआ बंद

सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद नगर निगम ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पिछले दिनों स्लुइस गेट बंद कर दिया था। अब इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन के बंद होने से सीवरेज व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।

हालांकि नगर निगम की ओर से रूपगंज के पास तीन पंपिंग सेट लगाए गए हैं, ताकि सीवरेज के पानी को निकालकर शहर में जलजमाव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

दिलिया रहीमपुर के कई गांवों में बढ़ी परेशानी

इधर, रिविलगंज प्रखंड की दिलिया रहीमपुर पंचायत में गुरुवार को बाढ़ का पानी और आगे बढ़ गया। नेताजी टोला, धर्मशाला, रूपगंज के निचले हिस्से, रावल टोला और नई बस्ती में पानी प्रवेश कर गया है।

इन इलाकों में रहने वाले लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कई परिवार घर छोड़कर जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर डेरा डालने को मजबूर हैं।

फसलें डूबीं, घरों के बीच दिख रहा पानी

बाढ़ के पानी से इन इलाकों में लगी फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। कई जगह घरों के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। पंचायत के विभिन्न हिस्सों में सौ से अधिक घर बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए स्थानीय लोगों में आने वाले दिनों को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और नगर निगम की ओर से जलनिकासी तथा बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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