राघोपुर नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन का एक्शन, CO और थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक
वैशाली के राघोपुर में नाव डूबने से 13 बच्चों की मौत हो गई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई ...और पढ़ें

बर्षा सिंह, जिलाधिकारी
HighLights
राघोपुर नाव हादसे में 13 बच्चों की डूबने से मौत।
सीओ और थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक, स्पष्टीकरण मांगा।
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर(वैशाली)। वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात निजी नाव डूबने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। हादसे में नाव पर सवार 13 बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में नौ बच्चियां और चार बच्चे शामिल हैं।
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने राघोपुर के अंचलाधिकारी (CO) और थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही अगले आदेश तक दोनों अधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
रात में निजी नाव के परिचालन पर सवाल, दो अधिकारियों से जवाब तलब
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने रात के समय निजी नाव के परिचालन को गंभीरता से लिया है। जिला पदाधिकारी ने राघोपुर के अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष से पूछा है कि ऐसी स्थिति में आवश्यक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए गए थे।
दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और अगले आदेश तक उनके वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई घटना के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारी की जांच की दिशा में अहम कदम है।
घटनास्थल पहुंचीं डीएम वर्षा सिंह, बचाव अभियान का लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने वहां चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से बचाव अभियान में तेजी लाने और प्रभावित लोगों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
छह लोगों को रेस्क्यू कर NMCH भेजा गया, इलाज जारी
नाव दुर्घटना के बाद छह लोगों को बचाया गया। इनमें चार बच्चियां और दो वयस्क शामिल हैं। सभी को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।
जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के इलाज और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान
प्रशासन के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के आश्रित परिवार को आपदा अनुग्रह अनुदान के तहत चार-चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध करा दी गई है।
इसके अतिरिक्त कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को तीन-तीन हजार रुपये दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी बताया कि सभी मृतकों के अभिभावकों को मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20-20 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।
प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख की घोषणा
हादसे के बाद प्रधानमंत्री राहत कोष से भी आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और इलाजरत प्रत्येक व्यक्ति को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है।
इस तरह पीड़ित परिवारों को राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
बचाव अभियान जारी, प्रशासन की निगरानी में राहत कार्य
राघोपुर नाव हादसे के बाद जिला प्रशासन राहत, बचाव और चिकित्सा व्यवस्था पर लगातार नजर रख रहा है। एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर अभियान में जुटी हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हादसे में बच्चों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था और रात में निजी नाव के परिचालन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ अब यह देखना अहम होगा कि जांच में लापरवाही की क्या स्थिति सामने आती है और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
