ठेले पर चाय बेचते हैं पिता, बेटे ने UPSC में हासिल की 81वीं रैंक; वैशाली के घनश्याम बनेंगे असिस्टेंट कमांडेंट
वैशाली के घनश्याम जायसवाल ने सीमित संसाधनों के बावजूद यूपीएससी में 81वीं रैंक हासिल की। उनके पिता चाय बेचते हैं, ...और पढ़ें

गांव पहुंचने पर घनश्याम जायसवाल का किया गया स्वागत। जागरण
संवाद सूत्र, पटेढ़ी बेलसर। मेहनत, लगन और लगातार प्रयास हो तो बड़ी चुनौतियां भी आसान हो जाती हैं। वैशाली जिले के बेलसर प्रखंड के मानपुरा गांव निवासी घनश्याम जायसवाल ने इसे साबित किया है।
सीमित संसाधनों के बावजूद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। उन्होंने परीक्षा में 81वीं रैंक हासिल की और असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयनित हुए हैं।
घनश्याम के पिता शत्रुघ्न साह मुजफ्फरपुर के बैरिया बस स्टैंड पर ठेले पर चाय बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी मां गीता देवी गृहिणी हैं।
आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सात भाई-बहनों में तीसरे स्थान पर रहे घनश्याम ने भी परिवार की परिस्थितियों को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया।
मुजफ्फरपुर से दिल्ली तक जारी रखी पढ़ाई
घनश्याम की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई मुजफ्फरपुर में हुई। इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।
UPSC की तैयारी के लिए वह दिल्ली चले गए। वहां रहकर उन्होंने पूरी मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की। पढ़ाई के साथ उन्होंने कोचिंग भी चलाया, जिससे अपनी तैयारी के साथ-साथ आर्थिक जरूरतों को भी पूरा कर सकें।
परिवार की जिम्मेदारियों और सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच घनश्याम ने कभी हिम्मत नहीं हारी। लगातार प्रयास और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम रहा कि उन्होंने UPSC परीक्षा में 81वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमांडेंट बनने का सपना पूरा किया।
गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
सफलता के बाद घनश्याम जायसवाल के पैतृक गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गांव में उनके पहुंचते ही लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और मिठाई खिलाकर बधाई दी।
इस अवसर पर जिला पार्षद पति हरेराम पासवान, मुखिया मुकेश गुप्ता, समाजसेवी शंकर प्रसाद समेत कई ग्रामीणों ने उन्हें सम्मानित किया। वैशाली विधायक सिद्धार्थ पटेल ने भी उन्हें बधाई दी।
घनश्याम की उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। पिता के चाय बेचने से लेकर बेटे के असिस्टेंट कमांडेंट बनने तक का यह सफर ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
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