संवाद सहयोगी महुआ :

ग्रामीण कार्य विभाग के महुआ डिवीजन के अंतर्गत सड़क के निर्माण में बरती गई अनियमितता एवं पांच वर्षीय अनुरक्षण नहीं करने को लेकर विभाग के मंत्री के आदेश पर जहां एक एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करते हुए उसकी जमा राशि को जब्त कर लिया है। वहीं 70 अभिकर्ता को नोटिस जारी किया है।

जानकारी के अनुसार ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री शैलेश कुमार शनिवार को ग्रामीण कार्य विभाग के महुआ प्रमंडल के अंतर्गत लगभग एक दर्जन सड़कों का अनुश्रवण करने पहुंचे, इस दौरान उन्होंने नंद कंस्ट्रक्शन के अंतर्गत महुआ-ताजपुर सड़क के सिघाड़ा फतुहा पुल से निरसु नरायण कॉलेज होते हुए जंदाहा मे मिलने वाली सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण में काफी अनियमितता पाई गई । मंत्री श्री कुमार ने कहा कि बिहार की सभी सड़कों की जांच का निर्देश दिया गया है। इसके लिए त्रिस्तरीय कमेटी का भी गठन किया गया है, जिसमें कार्यपालक अभियंता, अधीक्षण अभियंता की टीम जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण के बाद सड़कों को 5 वर्ष तक अनुरक्षण करने की जवाबदेही अभिकर्ता को है, लेकिन इस कार्य में काफी कोताही बरती जा रही हैं। मंत्री ने बताया कि नंद कंस्ट्रक्शन के द्वारा किए गए कामों की गुणवत्ता काफी खराब है तथा पांच वर्षीय अनुरक्षण भी नहीं किया गया है। पहले उसे नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद उसके कामों में सुधार नहीं हुआ तो उसे ब्लैक लिस्टेड करते हुए उसकी जमा सभी राशि को जब्त करने का निर्देश दिया गया है ।

मंत्री श्री कुमार ने शनिवार को महुआ, पातेपुर एवं राजापाकर के लगभग एक दर्जन ग्रामीण सड़कों का मुआयना किया । मुआयना के क्रम में उन्होंने संबंधित निर्माण कार्य के समय अभियंता के नहीं रहने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई के लिए कहीं ।ग्रामीण मंत्री के साथ ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख प्रवीण कुमार, नाबार्ड के सुनील कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता हाजीपुर एवं महुआ के अलावा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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