बाढ़ राहत सूची सार्वजनिक करने की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे राघोपुर के युवा, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
राघोपुर में युवाओं ने अंचलाधिकारी दीपक कुमार की पुनः नियुक्ति और बाढ़ राहत वितरण में पारदर्शिता की कमी के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

हड़ताल पर बैठे राघोपुर के युवा
HighLights
युवाओं ने अंचलाधिकारी दीपक कुमार की पुनः नियुक्ति का विरोध किया।
बाढ़ राहत सामग्री वितरण में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की जा रही है।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीओ को राघोपुर से हटाने की मांग।
संवाद सूत्र, राघोपुर। बाढ़ राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के आरोप में पहले हटाए जा चुके अंचलाधिकारी दीपक कुमार को पुनः राघोपुर अंचलाधिकारी बनाए जाने के विरोध में स्थानीय युवकों ने राघोपुर प्रखंड परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
युवकों की मांग है कि बाढ़ राहत सामग्री वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, राहत की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए और जीआर की सूची सार्वजनिक स्थल पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बनाई और प्रदर्शित की जाए।
साथ ही सवाल उठाया है कि कुछ महीने पहले भ्रष्टाचार के आरोप में हटाए गए सीओ दीपक कुमार को फिर से राघोपुर में क्यों पदस्थापित किया गया है।
दमनकारी नीति अपना रहे अधिकारी
युवकों का आरोप है कि ज्वाइन करने के बाद से ही वह दमनकारी नीति अपना रहे हैं। ऐसे अधिकारी को राघोपुर से वापस भेजा जाए।सत्यनारायण राय ने बताया कि नये सीओ को लाया गया जो भ्रष्टाचार के आरोप में पहले भी पदमुक्त किए गए थे। उनका रवैया हम युवाओं के प्रति सही नहीं है।

वह हिटलर वादी सोच के हैं और दमनकारी नीति अपनाते हैं। कैसे युवाओं को दमन करना है, युवाओं को का कमजोरी पकरते है, वह चाहते हैं कि कैसे युवाओं पर केस हो या कोई पुराना केस हो तो उसको ओपन करके उसको अंदर करवा दिया जाए। ताकि जो करोड़ों के भ्रष्टाचार का मामला है वह दब जाएं।
कच्ची दरगाह में भी कर चुके हैं हड़ताल
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे सत्यम राणा राय ने बताया कि यह भूख हड़ताल आज से नहीं है, इससे पहले भी 7 से 9 सितंबर के बीच कच्ची दरगाह में भूख हड़ताल की गई थी। हमारी मांग है कि बाढ़ राहत में क्या-क्या सामान आया, कितनी मात्रा में आया और उसका प्रबंधन कैसे किया गया, यह आम जनता को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा ऑन कैमरा बताया जाए।
युवाओं का आरोप है कि इस बार बाढ़ के दौरान नाव की व्यवस्था के लिए जारी किए गए नंबर गलत थे, कम्युनिटी किचन के नंबर भी गलत दिए गए थे। मेडिकल किट मात्र 300 आया था, जिसका 99 प्रतिशत एक ही पंचायत में बांट दिया गया। अन्य पंचायतों में बहुत कम सामान दिया गया।
9 सितंबर को आश्वासन देकर भूख हड़ताल खत्म कराया
सत्यम ने बताया कि 9 सितंबर को बीडीओ और सीओ ने आश्वासन देकर कच्ची दरगाह में चल रही भूख हड़ताल को समाप्त कराया था और 14 सितंबर तक सारी लिस्ट सार्वजनिक करने का वादा किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद जिलाधिकारी, एसडीओ और थाने को ई-मेल और लिखित सूचना देकर 18 सितंबर सुबह 10 बजे से राघोपुर प्रखंड परिसर में फिर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की गई है। ॉ
प्रशासन की तरफ से कोई दबाव नहीं
इस हड़ताल में रामपुर, बहरामपुर सहित सभी पंचायतों के युवा शामिल हैं। सीओ को लेकर युवाओं ने कहा कि पहले पदस्थापित सीओ राजीव रंजन चौधरी ने आश्वासन दिया था, लेकिन रातों-रात उनका तबादला कर दिया गया। उनकी जगह आए नए सीओ दीपक कुमार पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप में हटाए जा चुके हैं।
सत्यम ने कहा कि अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई दबाव नहीं बनाया गया है, पुलिस सुरक्षा दे रही है। हड़ताल को 24 घंटे होने वाले हैं, सभी युवा स्वस्थ हैं और 10 दिन और लड़ने के लिए तैयार हैं। साथ में बैठे नितीश कुमार और पृथ्वी यादव पानी तक नहीं ले रहे हैं। भूख हड़ताल पर प्रखंड के विभिन्न पंचायत के दर्जनों युवा एवं स्थानीय लोग बैठे हैं।
