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पहले राघोपुर से विदाई, अब फिर वापसी; CO दीपक कुमार ने संभाली कुर्सी तो मच गई हलचल

Published: Fri, 18 Sep 2026 06:46 PM (IST)

वैशाली जिले के राघोपुर अंचल में बाढ़ का पानी घटने के बाद दीपक कुमार ने शुक्रवार को अंचलाधिकारी का प्रभार ...और पढ़ें

दीपक कुमार सीओ राघोपुर

दीपक कुमार सीओ राघोपुर

HighLights

  1. सीओ दीपक कुमार ने राघोपुर अंचल का प्रभार संभाला।

  2. पांच महीने पहले हटाए जाने के बाद हुई यह वापसी।

  3. बाढ़ के बाद सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौती मिली।

जागरण संवाददाता, हाजीपुर(वैशाली)। वैशाली जिले के राघोपुर अंचल में बाढ़ का पानी कम होने के साथ प्रशासनिक गतिविधियां भी सामान्य होने लगी हैं। इसी बीच राघोपुर के अंचलाधिकारी दीपक कुमार ने शुक्रवार को दोबारा अपने पद का प्रभार संभाल लिया। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें अंचल का दैनिक कामकाज और जन समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासनिक आदेश में कहा गया है कि गंगा और गंडक के जलस्तर में कमी के बाद नदी किनारे के क्षेत्रों से बाढ़ का पानी निकल रहा है और स्थिति सामान्य हो रही है।

इसी को देखते हुए कार्यालय कार्यहित और प्रशासनिक दृष्टिकोण से दीपक कुमार को तत्काल अंचल का प्रभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया।

अप्रैल में पद से हटाए गए थे दीपक कुमार

दीपक कुमार की राघोपुर में वापसी इसलिए चर्चा में है क्योंकि करीब पांच महीने पहले ही जिला प्रशासन ने उन्हें यहां से हटा दिया था।

अप्रैल 2026 में तत्कालीन कार्रवाई के दौरान उन्हें राघोपुर से हटाकर जिला जन शिकायत कोषांग में योगदान देने का आदेश दिया गया था। उस समय राघोपुर के राजस्व अधिकारी राजीव रंजन चौधरी को सीओ का प्रभार दिया गया था।

जिला प्रशासन के तत्कालीन आदेश में कार्य में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने, बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित रहने और आदेशों के अनुपालन समेत कई बिंदुओं का उल्लेख किया गया था।

इन प्रशासनिक कारणों के साथ रुस्तमपुर में भूमि विवाद के दौरान हुई हिंसक झड़प का मामला भी कार्रवाई के संदर्भ में सामने आया था।

फिर जिम्मेदारी मिलने पर क्षेत्र में चर्चा तेज

अब कुछ ही महीनों बाद उसी अंचल की जिम्मेदारी दोबारा दीपक कुमार को दिए जाने से स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के बीच इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि जिन परिस्थितियों में उन्हें अप्रैल में राघोपुर से हटाया गया था, उन परिस्थितियों के बाद दोबारा उसी अंचल में जिम्मेदारी क्यों दी गई।

हालांकि, यह स्थानीय प्रतिक्रिया है और प्रशासनिक आदेश में दीपक कुमार की पुनर्नियुक्ति के कारणों के तौर पर कार्यालय कार्यहित और प्रशासनिक दृष्टिकोण का उल्लेख किया गया है।

रुस्तमपुर की झड़प के बाद हुई थी कार्रवाई

रुस्तमपुर थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव में भूमि विवाद के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, घटना के समय अंचलाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे और झड़प में 15 लोग घायल हुए थे।

घटना का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इसके बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की थी।

उस समय जिलाधिकारी के आदेश में दीपक कुमार के कार्य व्यवहार से जुड़े कई प्रशासनिक बिंदुओं का उल्लेख किया गया था। प्रशासन ने उन्हें राघोपुर से हटाकर जिला जन शिकायत कोषांग में योगदान देने का निर्देश दिया था।

2025 की बाढ़ के दौरान भी उठे थे सवाल

राघोपुर में दीपक कुमार के कार्यकाल को लेकर पहले भी स्थानीय स्तर पर शिकायतें और विरोध सामने आने की बात रिपोर्टों में दर्ज है।

2025 की बाढ़ के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने राहत सामग्री, पॉलीथिन शीट और जीआर सूची से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप लगाए थे।

इन आरोपों में पात्र लोगों के छूटने और कुछ परिवारों के नामों को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, ये स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोप हैं; इन्हें प्रशासन द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

अब सामने होगी नई जिम्मेदारी

राघोपुर में बाढ़ के बाद सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौती के बीच दीपक कुमार ने फिर अंचल की कमान संभाल ली है।

प्रशासनिक आदेश के मुताबिक अब उन्हें दैनिक कार्यालय कार्यों के साथ आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना होगा।

ऐसे में उनकी वापसी के बाद सबसे बड़ी निगाह अंचल कार्यालय के कामकाज, जन शिकायतों के निपटारे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था पर रहेगी।