वैशाली। राघोपुर दियारा में एक सप्ताह से बाढ़ के पानी से घिरे लोगों का घर से निकलना बंद हो गया है। बाढ़ में फंसे लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। जरूरी सामान की कमी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई लोगों के घर में राशन खत्म होने से मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों को घर का राशन, दवा और मवेशी के लिए चारा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई दिनों से दर्जनों गांव में बिजली आपूर्ति बंद है। शाम होते ही दियारा का इलाका अंधेरे में डूब जा रहा है। मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पा रहा है।प्रखंड के एक तरह गंगा के जलस्तर में वृद्धि और दूसरी ओर बारिश परेशानी बढ़ा रही है।

इधर राघोपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर एवं रेफरल अस्पताल मोहनपुर की एंबुलेंस सेवा सड़क पर पानी के कारण बाधित हो गई है। मरीजों को हॉस्पिटल आने में काफी परेशानी हो रही है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुशीला ने बताया कि पीएचसी एवं रेफरल अस्पताल में स्थानीय प्रशासन को नाव की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि मरीजों को सुरक्षित उनके घर से या हॉस्पिटल से उनके घर तक पहुंचाया जा सके।

दर्जनों घरों में पानी घुस जाने से वहां चूल्हा नहीं जल पा रहा है। उन परिवारों के समक्ष भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है। विशेषकर बच्चे, महिला एवं बुजुर्ग की स्थिति बेहद खराब है। मवेशियों के लिए चारा का जुगाड़ करने में लोगों के पसीने छूट जा रहे हैं। कुछ लोग जान जोखिम में डालकर पानी में डूबा चारा काटकर ला रहे हैं। शिवनगर निवासी सुमन कुमार, बिट्टू कुमार आदि ने बताया कि बाढ़ से हजारों एकड़ खेत डूब गए हैं। लोगों की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लेकिन स्थानीय प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

प्रखंड की मुख्य सड़क के अलावा ग्रामीण सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया है। दर्जनों गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है। सड़क पर कहीं दो फीट तो कहीं चार फीट पानी भरा है।

राघोपुर पश्चिमी पंचायत की वार्ड संख्या 8 के लोगों ने किया हंगामा इधर राघोपुर पश्चिमी पंचायत की वार्ड संख्या आठ के बाढ़ प्रभावित लोगों ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। हंगामा कर रहे लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं, लेकिन हम लोगों के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। अब तक राहत कार्य भी शुरू नहीं किया गया है। एक स्थान से दूसरे स्थान जाने में, दैनिक उपयोग की सामग्री लाने में एवं पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था करने में काफी दिक्कत हो रही है। हंगामा कर रहे राघोपुर पश्चिमी निवासी भोला मंडल, राजेंद्र साह, अरुण साह, सकिदर पासवान, प्रेम मंडल, चंदन कुमार, बिजू शाह, सुरेश राय उर्फ लूटा राय, कल्लू मंडल, जगदीश महतो, अवध किशोर महतो, चंदेश्वर साह, राजेश्वर साह, किसानी साह, नन्हक पासवान, भोगेंद्र पासवान, उपेंद्र पासवान ने बताया कि अगर प्रशासन उनलोगों के लिए अविलंब नाव की व्यवस्था नहीं करता है तो वे लोग प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

इधर राघोपुर प्रखंड के पूर्व उप प्रमुख प्रिया रानी के पति व सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार ने राघोपुर प्रखंड के जुड़ावनपुर करारी, बरारी, शिवनगर विश्राम टोला, वीरपुर समेत कई गांवों का नाव से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों की स्थिति बद से बदतर है। स्थानीय प्रशासन को अविलंब पर्याप्त संख्या में नाव की व्यवस्था कर बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत कार्य चलाना चाहिए। उन्होंने डीएम से बात कर राघोपुर प्रखंड को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग की। कटाव से लोगों में दहशत का माहौल

संवाद सहयोगी, सोनपुर :

सोनपुर प्रखंड की सबलपुर, नजरमीरा एवं राहर दियारा समेत कई पंचायतें इस समय बाढ़ की विभीषिका से जूझ रही हैं। एक तरफ मूसलाधार बारिश तो दूसरी ओर गंडक तथा गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के बीच कटाव ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। दियारा क्षेत्र की कौन कहे, जबर्दस्त बारिश से सोनपुर नगर पंचायत व रेल क्षेत्र झील में तब्दील हो गया है। रेल मंडल मुख्यालय जाने वाली सड़क, डाकबंगला से अंडर पास तक जलमग्न है। इसी पानी से होकर रेल अधिकारियों का आना-जाना हो रहा है। यहां रेलवे का पूर्वी नाला जाम होने से पानी का बहाव नहीं हो रहा है। परिणामस्वरूप लबालब भरे रेलवे के गड्ढे का पानी सड़क पर जम गया है। यही हाल सोनपुर-हाजीपुर मुख्य मार्ग पर गौतम चौक लेकर महेश्वर चौक तक है। जहां-तहां जलजमाव से हो गया है । उधर सबलपुर पश्चिमी, मध्यवर्ती, पूर्वी तथा उत्तरी पंचायत के अलावा नजरमीरा, पहलेजा शाहपुर दियारा, गंगाजल, दुधैला, जहांगीरपुर, कल्याणपुर आदि पंचायतों के अनेक गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच जाने से न केवल आवागमन बाधित हो गया है बल्कि खेतों में लगी सब्जियों के डूब जाने से किसानों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।

सबलपुर पश्चिमी पंचायत के मुखिया विकास कुमार ने बताया कि पंचायत के गंगा किनारे शिव मंदिर के समीप तेजी से कटाव हो रहा है । वहां के सड़क का बहुत बड़ा भाग कटकर गंगा में विलीन हो गया है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के बीच राशन, तिरपाल, मेडिकल सुविधा तथा पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराये जाने की मांग स्थानीय प्रशासन से की है। अनेक स्थानों पर नाव दिए जाने की मांग की जा रही है। कई गांवों में मुख्य मार्ग पर पानी पहुंच जाने से मरीजों तथा स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है । सबसे ज्यादा तकलीफदेह स्थिति उन किसानों की है जिनकी फसल पानी में डूब ही चुकी। अगर नदियों के जलस्तर में वृद्धि का यही रफ्तार रही तो एक बार फिर वर्ष 2016 की बाढ़ वाली स्थिति आने में देर नहीं लगेगी। इसी झमाझम बारिश के बीच किसी ने यहां के अंचल सह प्रखंड कार्यालय का वह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जिसमें छत का सारा पानी नीचे जमीन पर टपक रहा है । कार्यालय की यह स्थिति देख एसडीएम शंभु शरण पांडेय ने तत्काल इसे ठीक कराने का निर्देश बीडीओ को दिया है।

Posted By: Jagran

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