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तेजस्वी यादव की बोट दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर भ्रामक, हाजीपुर डीएम ने किया खंडन

Published: Thu, 10 Sep 2026 11:31 PM (IST)

हाजीपुर जिला प्रशासन ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के तेरसिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भ्रमण के दौरान एसडीआरएफ बोट से हवा निकलने की खबरों को भ्रामक बताया है।

राघोपुर के सरायपुर में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव। (जागरण)

राघोपुर के सरायपुर में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव। (जागरण)

HighLights

  1. एसडीआरएफ बोट से हवा निकलने की खबर भ्रामक बताई।

  2. तेजस्वी यादव क्षतिग्रस्त बोट में सवार नहीं थे।

  3. सुरक्षा में कोई चूक नहीं, तकनीकी वजह से कट लगा।

जागरण संवाददाता, हाजीपुर। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के तेरसिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भ्रमण के दौरान एसडीआरएफ बोट से हवा निकलने को लेकर प्रसारित हो रही खबरों को जिला प्रशासन ने भ्रामक और तथ्यहीन बताया है।

जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर खंडन किया है। डीएम द्वारा जारी विज्ञप्ति में एसडीआरएफ के प्रतिवेदन के हवाले से कहा गया है कि नेता प्रतिपक्ष उस बोट में सवार नहीं थे।

जिस बोट में कट लगने या हवा निकलने की घटना हुई, उसमें तेजस्वी यादव सवार नहीं थे। घटना दूसरी बोट में हुई थी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। माननीय के सुरक्षित भ्रमण हेतु उन्हें लाइफ जैकेट पहनाया गया था और बोट पर लाइफबॉय समेत अन्य बचाव उपकरण भी उपलब्ध थे।

दो बोट की व्यवस्था थी, भ्रमण के दौरान वहां दो एसडीआरएफ बोट मौजूद थीं, ताकि किसी आकस्मिक परिस्थिति में एक बोट खराब होने पर दूसरी बोट से त्वरित बचाव किया जा सके।

एसडीआरएफ की टीम (1 निरीक्षक और 4 जवान) गांधी सेतु पिलर संख्या-01 के पास राहत-बचाव कार्य में तैनात थी। अंचलाधिकारी से प्राप्त सूचना पर टीम को एस्कॉर्ट ड्यूटी में लगाया गया था।

नदी में जलस्तर अत्यधिक कम होने के कारण दूसरी बोट के निचले हिस्से में अंदर मौजूद नुकीली झरिया, झाड़ी लग जाने से मामूली कट लग गया था। यह पूरी तरह प्राकृतिक व तकनीकी परिस्थिति थी।

किसी की सुरक्षा में कोई चूक नहीं

कट लगने के बावजूद एसडीआरएफ कर्मियों ने कुशलता से स्थिति संभालते हुए सभी को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचा दिया। किसी की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई।

एसडीआरएफ बोट की तय क्षमता 10 व्यक्तियों की है, लेकिन टीम द्वारा मना किए जाने के बावजूद बोट पर 12 से 15 व्यक्ति सवार हो गए थे।

प्रशासन ने कहा है कि इस विशुद्ध रूप से तकनीकी घटना को साजिश या दुर्भावनापूर्ण घटना के रूप में प्रचारित करना पूरी तरह निराधार, भ्रामक और असत्य है।

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