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वैशाला में गहराया बाढ़ का संकट: गंडक नदी के उफान से 200 घर जलमग्न, रिंग बांध पर बढ़ा दबाव

Published: Wed, 30 Sep 2026 03:46 PM (IST)

नेपाल में भारी बारिश और वाल्मीकिनगर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी उफान पर है, जिससे लालगंज प्रखंड में बाढ़ का संकट गहरा गया है।

वैशाला में गहराया बाढ़ का संकट

वैशाला में गहराया बाढ़ का संकट

HighLights

  1. गंडक नदी में 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया।

  2. लालगंज प्रखंड के केशोपुर, पीड़ापुर में 200 घर प्रभावित हुए।

  3. खजौली में बांध रिसाव, पीड़ापुर रिंग बांध पर दबाव बढ़ा।

संवाद सूत्र, लालगंज। नेपाल में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा और वाल्मीकिनगर बैराज से पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी पूरे उफान पर है। गंडक नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि की वजह से लालगंज प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। 

केशोपुर और पीड़ापुर गांवों में नदी का पानी प्रवेश कर जाने से करीब 200 घर प्रभावित हुए हैं। वहीं, खजौली गांव में दो स्थानों पर बांध से पानी का रिसाव होने और पीड़ापुर स्थित रिंग बांध पर दबाव बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रभावित लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई है।

गंडक नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा

नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पिछले दो-तीन दिनों से वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ तटवर्ती इलाकों में पानी फैलने लगा है। इसका असर अब लालगंज प्रखंड के गंडक नदी के किनारे बसे इलाकों में भी दिखने लगा है। 

केशोपुर और पीड़ापुर में घरों तक पानी पहुंचने से लोगों को आवागमन और दैनिक जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है। खजौली गांव में दो स्थानों पर बांध से पानी के रिसाव की सूचना मिलने से आसपास के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई। वहीं, पीड़ापुर स्थित रिंग बांध पर भी पानी का दबाव बढ़ रहा है। 

स्थिति और हो सकती है गंभीर 

ग्रामीणों को आशंका है कि समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रभावित लोगों का कहना है कि गांवों में पानी प्रवेश करने के बावजूद राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ रही है। 

ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लेने, जरूरतमंदों को भोजन और पेयजल उपलब्ध कराने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही, बांधों की लगातार निगरानी करने और रिसाव को जल्द बंद करने की अपील की है।

खजौली गांव में दो स्थानों पर बांध से रिसाव की सूचना मिली थी। मरम्मत कर तत्काल रिसाव बंद करा दिया गया है। बाढ़ की चपेट में आए लोगों को उचित स्थान पर भेजने की व्यवस्था की जा रही है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।- विश्वजीत सिंह, अंचलाधिकारी

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