यूपी में बांध टूटने के बाद बिहार सीमा पर अलर्ट, नालों और बांधों पर रात में भी पहरा
गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के बीच कुशीनगर में बांध टूटने से आ रहा बाढ़ का पानी बिहार-उत्तर प्रदेश ...और पढ़ें

नालों और बांधों पर रात में भी पहरा
HighLights
कुशीनगर में बांध टूटने से बिहार सीमा पर बाढ़ का पानी।
अहिरौली दान के समीप प्रशासन अलर्ट, राहत-बचाव कार्य तेज।
रिंग बांध का निरीक्षण, संवेदनशील स्थलों पर रात में भी निगरानी।
संवाद सूत्र, कुचायकोट (गोपालगंज)। गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के बीच उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से आ रहे बाढ़ के पानी को लेकर प्रशासन अलर्ट है। कुशीनगर के चैनपट्टी गांव के पास बांध टूटने के बाद तेजी से फैल रहा बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर अहिरौली दान के समीप पहुंच रहा है। इसे देखते हुए नदी से सटे क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के साथ संवेदनशील स्थलों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
बुधवार को स्थानीय पदाधिकारियों ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के साथ बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित रिंग बांध का विस्तृत निरीक्षण किया। टीम में सीओ मनोरंजन शुक्ला, आरओ मनन शुक्ला, विशम्भरपुर थानाध्यक्ष मुकेंद्र कुमार समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
रिंग बांध पर बने दो गड्ढों को भरवाया
निरीक्षण के दौरान बिहार सीमा से करीब 50 मीटर दूर उत्तर प्रदेश की सीमा में रिंग बांध पर बने दो गड्ढों को भरवाया गया। पदाधिकारियों और अभियंताओं की टीम यूपी की ओर से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रात के समय निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सीमा से लगे बांध के पास विद्युत प्रकाश की व्यवस्था की गई है।
पदाधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश से आने वाला बाढ़ का पानी स्वाभाविक बहाव के तहत नहर और नालों के रास्ते अहिरौली दान जीरो माइल तक पहुंच रहा है। पानी के बिहार में प्रवेश की संभावना को देखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। यह क्षेत्र कुचायकोट प्रखंड की सलेहपुर पंचायत से सटा हुआ है।
पानी आने की स्थिति में उसका स्वाभाविक बहाव बना रहे, इसके लिए नालों की भी निगरानी की जा रही है। प्रशासन की टीम संवेदनशील स्थलों पर लगातार स्थिति का जायजा ले रही है।
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