वैशाली नाव हादसा: चिराग पासवान से लिपटकर रोये मृतकों के परिजन, केंद्रीय मंत्री ने दिया कार्रवाई का भरोसा
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने वैशाली के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से जान गंवाने वाले 13 बच्चों के परिवारों से मुलाकात की।
HighLights
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हुई।
मंगलवार रात राघोपुर, वैशाली में हुआ यह हादसा।
डिजिटल डेस्क, वैशाली। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बुधवार को वैशाली के राघोपुर में उन पीड़ित परिवारों से मिले, जिनके बच्चों की गंगा नदी के ढाब में नाव पलटने से मौत हो गई थी।
चिराग से मुलाकात के दौरान परिजन काफी भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री के गले लगकर रोते-बिलखते अपना दर्द सुनाया।
इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे पता चला है कि कल जिस नाव का इस्तेमाल किया गया था, वह खराब हो गई थी और प्रशासन ने इस बारे में अनुरोध किए जाने के बावजूद गांव को नई नाव उपलब्ध नहीं कराई।"
अस्पताल में जाना घायलों का हाल
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने घटना में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान वैशाली नाव हादसे में घायल लोगों से मिलने नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचे।
चिराग पासवान ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने आए हैं कि यहां भर्ती तीनों बच्चों को सबसे अच्छा इलाज मिले और उनकी देखभाल में कोई कमी न हो। वो चाहते हैं कि वे पूरी तरह ठीक होकर सुरक्षित घर लौटें।
उन्होंने कहा कि लापरवाही कैसे और क्यों हुई, इसकी जांच चल रही है। क्या ग्रामीणों ने नाव की मांग की थी और प्रशासन नाव उपलब्ध कराने में नाकाम रहा, इन बातों की जांच होनी बाकी है।
भोज में जाते वक्त हुआ हादसा
पासवान ने हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामपुर श्यामचंद गांव का दौरा किया, जहां इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में सभी 15 साल से कम उम्र के थे और उनमें से 9 लड़कियां थीं।
यह घटना मंगलवार रात करीब 8.30 बजे हुई, जब रामपुर श्यामचंद गांव के लोग नदी के दूसरी ओर एक गांव में श्राद्ध के भोज में शामिल होने जा रहे थे।
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