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आंगनबाड़ी सेविका से रिश्वत लेते वीडियो वायरल! सुपौल DM ने महिला पर्यवेक्षिका को तत्काल हटाया, 3 दिनों में मांगी रिपोर्ट

Published: Wed, 30 Sep 2026 07:41 PM (IST)

Supaul Supervisor Bribery Video: सुपौल में आंगनबाड़ी सेविका से रिश्वत लेते महिला पर्यवेक्षिका संगीता कुमारी का वीडियो वायरल होने के ...और पढ़ें

Supaul Supervisor Bribery Video: प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

Supaul Supervisor Bribery Video: प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

HighLights

  1. महिला पर्यवेक्षिका संगीता कुमारी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल।

  2. डीएम ने छातापुर से हटाकर जिला मुख्यालय अटैच किया।

  3. तीन दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश।

जागरण संवाददाता, सुपौल। Supaul Supervisor Bribery Video: छातापुर बाल विकास परियोजना कार्यालय (आईसीडीएस) में तैनात महिला पर्यवेक्षिका (लेडी सुपरवाइजर) संगीता कुमारी का एक आंगनबाड़ी सेविका से कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित व सख्त कदम उठाया है।

भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने आरोपित पर्यवेक्षिका को तत्काल प्रभाव से छातापुर से हटा दिया है और उन्हें जिला प्रोग्राम कार्यालय (आईसीडीएस), सुपौल में योगदान करने का आदेश जारी किया है।

जिलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), छातापुर को स्पष्ट हिदायत दी है कि महिला पर्यवेक्षिका के अधीन संधारित सभी सरकारी अभिलेख, पंजी, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य विभागीय प्रभार नियमानुसार अविलंब अपने नियंत्रण में ले लिए जाएं।

कारण बताओ नोटिस जारी, 3 दिनों में मांगी रिपोर्ट

डीएम के निर्देशानुसार, प्रसारित वीडियो और प्राप्त लिखित शिकायतों के आधार पर आरोपित महिला पर्यवेक्षिका से बिंदुवार स्पष्टीकरण (कारण पृच्छा) तलब किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की सूक्ष्मता और निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने सीडीपीओ को निर्देश दिया है कि विस्तृत जांच पूरी कर अपने मंतव्य के साथ स्पष्ट जांच प्रतिवेदन तीन दिनों के भीतर समाहरणालय स्थित डीएम कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

रिश्वत मामला: कार्रवाई का विवरण एक नजर में

  • आरोपित कर्मी: संगीता कुमारी (महिला पर्यवेक्षिका / लेडी सुपरवाइजर)।

  • कार्यालय: बाल विकास परियोजना कार्यालय (CDPO Office), छातापुर (सुपौल)।

  • आरोप: आंगनबाड़ी सेविका से घूस लेने का वीडियो वायरल व कार्यों में अनियमितता की शिकायतें।

  • प्रशासनिक कार्रवाई: छातापुर से हटाकर जिला प्रोग्राम कार्यालय (ICDS), सुपौल में योगदान का आदेश।

  • दिए गए निर्देश: सभी सरकारी रिकॉर्ड व प्रभार जब्त करने, शो-कॉज नोटिस जारी करने और 3 दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश।

साक्ष्यों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच के लिए हटाया गया

जिलाधिकारी द्वारा निर्गत आदेश में उल्लेख किया गया है कि महिला पर्यवेक्षिका के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों में विभागीय कार्यों के निष्पादन में घोर अनियमितता, शिथिलता एवं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन गतिविधियों से कार्यालय के नियमित कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

प्रशासन का मानना है कि पद पर बने रहने से जांच प्रभावित हो सकती थी। ऐसे में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और अभिलेखों व साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना को समाप्त करने के उद्देश्य से उन्हें तत्काल छातापुर परियोजना से स्थानांतरित कर जिला मुख्यालय अटैच किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उनके विरुद्ध विभागीय व कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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