नेपाल से सटे भीमनगर में चीनी के स्टॉक की जांच, दुकानदार के पास नहीं मिले जरूरी कागजात
भारत-नेपाल सीमावर्ती भीमनगर में किराना दुकानों और चीनी के भंडारण की प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जांच के ...और पढ़ें

चीनी के स्टॉक की जांच। फोटो जागरण
HighLights
भीमनगर में किराना दुकानों और चीनी भंडारण पर प्रशासन की कड़ी निगरानी।
जांच में एक दुकान से 25 बोरी चीनी मिली, दस्तावेज अनुपलब्ध।
दुकानदार को अनुमंडल कार्यालय में आवश्यक कागजात पेश करने का निर्देश।
संवाद सहयोगी, वीरपुर (सुपौल)। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र भीमनगर पंचायत में किराना दुकानों के संचालन और चीनी के भंडारण को लेकर प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है।
एसएसबी शैलेशपुर बीओपी चेकपोस्ट से पहले भंटाबारी-शैलेशपुर सड़क के दोनों ओर संचालित कई किराना दुकानों में लाइसेंस और जीएसटी से संबंधित दस्तावेजों की उपलब्धता को लेकर प्रशासन की ओर से जांच की जा रही है।
चीनी के दाम में हाल के दिनों में हुई वृद्धि के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर वीरपुर अनुमंडल क्षेत्र में खाद्य सामग्री के भंडारण और स्टाक की जांच की जा रही है।
इसी क्रम में वीरपुर एसडीएम के निर्देश पर एमओ विनय कुमार ने भीमनगर क्षेत्र में कई दुकानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान एसएसबी चेकपोस्ट के समीप पंकज पुरवे की किराना दुकान में करीब 25 बोरी चीनी मिली।
एमओ के अनुसार, जांच के समय दुकानदार द्वारा चीनी की खरीद का बिल प्रस्तुत नहीं किया जा सका। साथ ही दुकान के संचालन से संबंधित लाइसेंस और जीएसटी के दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
बताया गया कि एमओ द्वारा लाइसेंस और जीएसटी से संबंधित दस्तावेज मांगे जाने पर दुकानदार ने कथित तौर पर बताया कि दुकान छोटी है और उसके पास न तो लाइसेंस है और न ही जीएसटी पंजीकरण है।
इसके बाद एमओ ने दुकानदार को संबंधित कागजात और चीनी की खरीद का बिल लेकर अनुमंडल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि चीनी के बढ़ते दाम को देखते हुए प्रशासन की ओर से भीमनगर बाजार स्थित बड़े गोदामों की भी जांच की गई थी।
संबंधित कारोबारियों को स्टाक पंजी संधारित करने तथा प्रतिदिन की रिपोर्ट एमओ को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। लाइसेंसधारी दुकानदारों द्वारा विभागीय निर्देशों का पालन किए जाने की बात सामने आ रही है, जबकि बिना आवश्यक कागजात के कारोबार करने वाले दुकानदारों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई जारी है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि सीमावर्ती क्षेत्र की कुछ दुकानों से बड़ी मात्रा में चीनी नेपाल भेजी जाती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही इस संबंध में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एमओ विनय कुमार ने बताया कि दुकान की जांच की गई है। संबंधित दुकानदार को दुकान से संबंधित कागजात और चीनी की खरीद का बिल लेकर अनुमंडल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। जांच के दौरान दुकान अथवा जीएसटी से संबंधित कोई कागजात दुकानदार के पास उपलब्ध नहीं मिला।
