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कागज पर 239, जमीन पर सिर्फ 163 बच्चे! सुपौल के किशनपुर के 6 स्कूलों में नामांकन और हाजिरी पर उठे सवाल

Published: Wed, 07 Oct 2026 06:27 AM (GMT+05:30)

दैनिक जागरण की पड़ताल में सुपौल के किशनपुर प्रखंड के विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति में भारी गड़बड़ी सामने आई ...और पढ़ें

खाने के बाद प्लेट धोते उत्क्रमित मध्य विद्यालय भेलवा के बच्चे। जागरण

खाने के बाद प्लेट धोते उत्क्रमित मध्य विद्यालय भेलवा के बच्चे। जागरण

HighLights

  1. किशनपुर के विद्यालयों में उपस्थिति रजिस्टर और वास्तविक संख्या में अंतर।

  2. कई स्कूलों में दोपहर होते ही कक्षाएं खाली मिलीं, शिक्षक भी अनुपस्थित।

  3. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार कर जांच का आश्वासन।

संवाद सूत्र, किशनपुर (सुपौल)। Supaul Government Schools Reality Check Fake Attendance: बिहार सरकार एक ओर प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नए-नए प्रयोग कर रही है, वहीं धरातल पर विद्यालय स्तर पर इसका कोई ठोस असर दिखाई नहीं दे रहा है।

मंगलवार को 'दैनिक जागरण' की विशेष पड़ताल टीम ने जब प्रखंड क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक प्राथमिक व उत्क्रमित मध्य विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया, तो लगभग हर जगह एक सा ही निराशाजनक नजारा सामने आया।

हाजिरी रजिस्टर में दर्ज बच्चों की संख्या और कक्षा में मौजूद बच्चों की वास्तविक स्थिति में भारी हेरफेर पाया गया। अधिकारियों के दावों के विपरीत विद्यालय प्रशासन कागजों पर उपस्थिति दिखाकर अपनी कमियों पर पर्दा डालने का प्रयास करता दिखा।

उपस्थिति रजिस्टर में फर्जीवाड़ा, दोपहर होते ही खाली होने लगते हैं क्लासरूम

पड़ताल के क्रम में सुबह 11:45 बजे नवसृजित प्राथमिक विद्यालय हासा टोला सतारी दक्षिण में 144 नामांकित बच्चों के विरुद्ध 127 की हाजिरी दर्ज थी, जबकि मौके पर केवल 80 बच्चे मौजूद मिले। दोपहर 12:33 बजे उत्क्रमित मध्य विद्यालय हासा में 239 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, पर केवल 163 बच्चे खाना खाते मिले।

वहीं, दोपहर 12:54 बजे उत्क्रमित मध्य विद्यालय भेलवा में 299 की हाजिरी के मुकाबले केवल 170 छात्र ही उपस्थित थे। इसके बाद दोपहर 01:29 बजे उत्क्रमित मध्य विद्यालय थरिया में 214 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई, जबकि क्लास में केवल 130 बच्चे पढ़ रहे थे। प्राथमिक विद्यालय थरिया पुनर्वास और उत्क्रमित मध्य विद्यालय मलाढ़ में भी दर्ज हाजिरी की तुलना में 20 से 50 बच्चे गायब मिले।

किशनपुर के 6 विद्यालयों की जमीनी पड़ताल रिपोर्ट:

विद्यालय का नाम एवं निरीक्षण समय बच्चों की उपस्थिति दर्ज बनाम वास्तविक संख्या मौके पर पाई गई व्यवस्था एवं शिक्षकों की स्थिति

न.प्रा.वि. हासा टोला सतारी दक्षिण


(समय: 11:45 AM)

नामांकित: 144 | दर्ज हाजिरी: 127


वास्तविक उपस्थिति: 80 बच्चे

प्रधान सुमन कुमार सौरभ मौजूद। पदस्थापित 5 में से 1 शिक्षिका विशेषावकाश व 1 शिक्षक आकस्मिक अवकाश पर।

उ.म.वि. हासा


(समय: 12:33 PM)

नामांकित: 290 | दर्ज हाजिरी: 239


वास्तविक उपस्थिति: 163 बच्चे

प्रधान सुशील कुमार सुमन मौजूद। 239 बच्चों की हाजिरी के बावजूद 76 बच्चे गायब। 1 शिक्षक सीएल पर।

उ.म.वि. भेलवा


(समय: 12:54 PM)

नामांकित: 336 | दर्ज हाजिरी: 299


वास्तविक उपस्थिति: 170 बच्चे

प्रधान अजय कुमार मौजूद। 299 बच्चों के भोजन का दावा, पर मौके पर 129 बच्चे कम मिले। सभी 8 शिक्षक मौजूद।

उ.म.वि. थरिया


(समय: 01:29 PM)

नामांकित: 496 | दर्ज हाजिरी: 214


वास्तविक उपस्थिति: 130 बच्चे

एचएम बीआरसी गए थे। शिक्षक विद्यानंद जोशी ने दी जानकारी। दर्ज उपस्थिति से 84 बच्चे गायब।

प्राथमिक विद्यालय थरिया पुनर्वास


(समय: 02:08 PM)

नामांकित: 280 | दर्ज हाजिरी: 113


वास्तविक उपस्थिति: 93 बच्चे

प्रधान प्रमोद कुमार मौजूद। नामांकित 280 में से केवल 93 बच्चे ही वर्ग कक्ष में पढ़ते पाए गए।

उ.म.वि. मलाढ़


(समय: 02:30 PM)

नामांकित: 352 | दर्ज हाजिरी: 153


वास्तविक उपस्थिति: लगभग 100 बच्चे

एचएम समेत 3 शिक्षक बरामदे पर बातचीत करते मिले, शेष क्लास में। सभी 8 पदस्थापित शिक्षक मौजूद थे।

बीईओ ने लिया संज्ञान, जांच कर दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का दिया आश्वासन

उत्क्रमित मध्य विद्यालय मलाढ़ में दोपहर 02:30 बजे विद्यालय प्रधान समेत तीन शिक्षक बरामदे में बातचीत करते पाए गए, जबकि बच्चे कक्षा में बैठे थे। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षक अवकाश पर भी मिले। पूरे मामले पर जब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) से बात की गई तो उन्होंने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया।

"पड़ताल के दौरान जिन-जिन विद्यालयों में नामांकित, दर्ज उपस्थिति और वास्तविक बच्चों की संख्या में अंतर पाया गया है, उन सभी विद्यालयों की अपने स्तर से बिंदुवार जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर गड़बड़ी में लिप्त पाए जाने वाले संबंधित प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"

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— कमलेश राय, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ), किशनपुर (सुपौल)