गुलाबी ठंड में पसीना बहा रहीं सुपौल की बेटियां: खाकी वर्दी पहनने का ऐसा जुनून, सुबह 5 बजे पहुंच जाती हैं मैदान
सुपौल के त्रिवेणीगंज में बेटियां गुलाबी ठंड में बिहार पुलिस और दारोगा भर्ती के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं।
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प्रैक्टिस करती लड़कियां। (जागरण)
HighLights
त्रिवेणीगंज की बेटियां बिहार पुलिस और दारोगा भर्ती की तैयारी में जुटीं।
प्रशिक्षक दिनेश कुमार के नेतृत्व में प्रतिदिन करती हैं कड़ा अभ्यास।
समाज सेवा और अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने का है सपना।
सतीश कुमार आलोक, त्रिवेणीगंज (सुपौल)। बेटियों को अवसर, प्रोत्साहन और आगे बढ़ने के लिए खुला आसमान मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर सकती हैं।
शिक्षा, खेल, प्रशासन और पुलिस सेवा में बेटियां लगातार सफलता हासिल कर रही हैं। इसकी प्रेरक तस्वीर इन दिनों प्रखंड मुख्यालय स्थित ललित नारायण विज्ञान महाविद्यालय के मैदान में देखने को मिल रही है।
गुलाबी ठंड की सुबह, जब अधिकतर लोग चादर में दुबके रहना पसंद करते हैं, तब बड़ी संख्या में बेटियां सुनहरे भविष्य का सपना लेकर मैदान पहुंचती हैं।
कोई दौड़ का अभ्यास करती है तो कोई गोला फेंक, हाई जंप और लॉन्ग जंप में अपनी क्षमता निखारती है। चेहरे पर थकान दिखती है, लेकिन खाकी वर्दी पहनने और अपने लक्ष्य तक पहुंचने का जज्बा भी साफ नजर आता है।
इन छात्राओं के लिए मैदान केवल अभ्यास स्थल नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने की पाठशाला बन गया है। बिहार पुलिस और दारोगा भर्ती में सफल होकर समाज की सुरक्षा और सेवा करने के लक्ष्य के साथ वे पिछले कई महीनों से नियमित अभ्यास कर रही हैं।
उनकी मेहनत और लगन की स्थानीय लोग भी सराहना करते हैं। उनका कहना है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी मुकाम तक पहुंच सकती हैं।
अभ्यास में जुटी मौसम कुमारी, कल्पना कुमारी, निशा कुमारी, संध्या कुमारी, अनुपम कुमारी, सपना कुमारी, पूनम कुमारी, नेहा कुमारी और प्रियंका कुमारी ने बताया कि वे क्षेत्र की अन्य लड़कियों के साथ प्रतिदिन सुबह मैदान पहुंचती हैं।
2 घंटे अलग से करती हैं अभ्यास
ट्रेनर दिनेश कुमार के नेतृत्व में वे करीब दो घंटे तक अलग-अलग अभ्यास करती हैं। उनका सपना दारोगा बनकर लोगों की रक्षा करना और अपने परिवार के साथ क्षेत्र का नाम रोशन करना है।
अन्य छात्राएं भी इसी लगन से तैयारी कर रही हैं। उनका प्रयास बताता है कि सफलता के लिए सुविधाओं से अधिक मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत जरूरी है।
नेशनल एथलेटिक्स सह टाउन फिजिकल एकेडमी के ट्रेनर दिनेश कुमार ने बताया कि इस मैदान में अभ्यास करने वाली क्षेत्र की लड़कियां पहले ही बिहार पुलिस में चयनित होकर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
वर्तमान में भी कई छात्राएं नियमित अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि छात्राएं उत्साह के साथ तैयारी करती हैं। उनका अनुशासन, मेहनत और लगन उन्हें लक्ष्य तक पहुंचाने में मददगार होगा।
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