- आठ जनवरी को जागरण संवाददाता, सुपौल: केंद्र सरकार के श्रमिक विरोधी नीति, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी तथा 44 श्रम कानूनों को विलुप्त कर चार श्रम संहिता में परिवर्तित करने के विरोध में इंटक द्वारा 8 जनवरी 2020 को आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय मजदूर इंटक जिला इकाई सुपौल के बैनर तले कार्यकर्ताओं की एक बैठक इंटक के जिलाध्यक्ष अभय तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए इंटक के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सह प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव केसर कुमार सिंह ने कहा कि गत 45 वर्षों में सर्वाधिक बेरोजगारी नरेंद्र मोदी की सरकार में दर्ज की गई है। देश आज आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। मजदूरों को नौकरियों से निकाला जा रहा है। सरकार श्रम कानून में संशोधन कर उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला कानून ला रही है। यहां तक कि केंद्र सरकार मुनाफा कमाने वाली सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश कर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रही है। मोदी सरकार के इस श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी 8 जनवरी को राज्यव्यापी श्रमिक हड़ताल किया जाएगा। हड़ताल के दौरान सरकार से न्यूनतम मजदूरी 21 हजार रुपया के साथ-साथ समान कार्य का समान वेतन, सबको चिकित्सा का लाभ, न्यूनतम 10 हजार रुपये बोनस, देश के सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश नहीं करने, एनपीएस कानून को वापस लेने, सभी रिक्त पदों को भरने, निर्माण मजदूरों के निबंधन एवं योजनाओं में श्रमिक संघों की भूमिका सुनिश्चित करने, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को जनवितरण प्रणाली से जोड़ने इत्यादि मांग शामिल है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार सत्ता के मद में चूर होकर मजदूर किसान विरोधी फैसला ले रही है। जिसे कांग्रेस इंटक सफल होने नहीं देगा। बैठक में मु. अयाज, छोटू कुमार, मु. रेहान, लालबाबू, ओम कुमार, जीतन शर्मा, इंद्रदेव शर्मा, सुभाष कुमार ऋषिदेव, शंकर कुमार, सोनिया देवी, मखनी देवी, सुलेखा देवी समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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