सुपौल में फिर कोसी का तांडव: घरों में घुसा कमर तक पानी, नाव और राहत सामग्री के लिए तरस रहे ग्रामीण
सुपौल के किशनपुर प्रखंड में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से बौराहा पंचायत के कई वार्डों में बाढ़ का पानी ...और पढ़ें

सुपौल में फिर कोसी का तांडव
HighLights
किशनपुर में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ का संकट गहराया।
बौराहा पंचायत के कई घरों में कमर तक पानी घुसा।
ग्रामीण राहत सामग्री और नाव की तत्काल व्यवस्था मांग रहे।
संवाद सूत्र, किशनपुर (सुपौल)। कोसी नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर बसे गांवों में एक बार फिर बाढ़ का संकट गहराने लगा है। किशनपुर प्रखंड की बौराहा पंचायत के वार्ड संख्या 9, 10, 11 एवं 12 में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया है। कई घरों में कमर तक पानी जमा होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
बाढ़ के कारण सैकड़ों परिवारों का जनजीवन प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों के सामने भोजन सहित दैनिक जरूरतों को पूरा करने की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय वार्ड सदस्य दिलीप कुमार राय, मुकेश कुमार यादव एवं संजय कुमार मंडल ने बताया कि बौराहा पंचायत के प्रभावित वार्ड दोनों कोसी नदियों के बीच बसे हुए हैं।
पिछले दो दिनों से कोसी नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने के कारण गांव में पानी फैलने लगा है। देखते ही देखते बाढ़ का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया। कई घरों में कमर तक पानी जमा है। घरों के अंदर पानी घुस जाने से अधिकांश परिवारों के चूल्हे डूब गए हैं। ऐसे में ग्रामीणों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है।
घर से निकलना भी हुआ मुश्किल
ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी लगातार फैलने के कारण घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। जरूरी काम से बाहर जाने के लिए लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई परिवार अपने घरों में ही पानी के बीच रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
15 दिन पहले भी घुसा था बाढ़ का पानी
ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 दिन पूर्व भी बाढ़ का पानी इन इलाकों के कई घरों में प्रवेश कर गया था। उस समय अंचलाधिकारी एवं राजस्व कर्मचारी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। ग्रामीणों का कहना है कि निरीक्षण के बाद भी प्रभावित परिवारों को अब तक सूखा राशन और पालिथीन शीट उपलब्ध नहीं कराई गई है। बाढ़ की स्थिति दोबारा उत्पन्न होने के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछली बार बाढ़ के दौरान आवागमन की समस्या को देखते हुए प्रशासन से नाव उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। इसके बावजूद नाव उपलब्ध नहीं कराई गई। वर्तमान में भी कई इलाकों में पानी जमा होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल नाव की व्यवस्था करने की मांग की है।
सुजानपुर छिट सहित कई गांवों में भी स्थिति गंभीर
इधर, सुजानपुर छिट, सिसवा, पंचगछिया एवं बेला गोठ में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार इन क्षेत्रों के कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने तथा जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि कोसी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को हर वर्ष बाढ़ की समस्या झेलनी पड़ती है। बाढ़ आने के बाद तत्काल राहत सामग्री एवं आवागमन के साधन उपलब्ध नहीं होने से परेशानी और बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन को समय रहते आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करनी चाहिए।
वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर होगी कार्रवाई
इस संबंध में किशनपुर के प्रभारी अंचलाधिकारी जियाउल कमर ने बताया कि करीब 15 दिन पूर्व बाढ़ की स्थिति का जायजा लेकर वरीय पदाधिकारी को इसकी जानकारी दी गई थी। अब दोबारा बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि वरीय पदाधिकारी से प्राप्त निर्देश के आलोक में प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
